25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सिंधु जल संधि: भारत ने कोर्ट के फैसले को ठुकराया, अब पानी की तबाही से कैसे बचेंगे? सवाल सुनकर पाक में घबराए अधिकारी

pakistan indus water sankat: भारत ने इंडस वाटर ट्रीटी के कोर्ट फैसले को ठुकरा दिया है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय में इस पर सनसनीखेज सवाल से अधिकारी भी घबरा गए।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Mukul Kumar

•

Updated: 22 May 2026, 9:19 PM IST

Shehbaz Sharif

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ। (फोटो- IANS)

पाकिस्तान में जल्द ही पानी का बड़ा संकट आने वाला है। इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ब्रिफिंग में एक सवाल ने सबको चौंका दिया है।

जब रिपोर्टर ने पूछा कि भारत ने सिंधु जल संधि पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को ठुकरा दिया है, ऐसे में अब पाक के पास क्या उपाय बचा है?

यह सवाल सुनकर पाकिस्तान में विदेश मंत्रालय के अधिकारी पूरी तरह से घबरा गए। नजारा देखकर यह स्पष्ट हो गया कि उन्होंने इस सवाल से बचने की कोशिश की।

बारिश शुरू होते ही पाक में मचेगी तबाही

रिपोर्टर ने ब्रीफिंग के दौरान यह भी पूछा कि पाकिस्तान को अब पानी की कमी का सामना करना पड़ेगा। जल्द ही बारिश आएगी और तबाही मचेगी। क्या पाकिस्तान के पास भारत पर कोई दबाव बनाने का तरीका बचा है?

इस सवाल का भी अधिकरी सही जवाब नहीं दे पाए। दिलचस्प बात यह है कि यह सवाल सिर्फ एक ब्रिफिंग का हिस्सा नहीं था, बल्कि पाकिस्तान की मौजूदा मजबूरी को दिखाता है।

पानी का संकट क्यों बढ़ रहा है?

बता दें कि पाकिस्तान के किसान और आम लोग पहले से ही पानी की कमी से जूझ रहे हैं। इंडस नदी और उसकी सहायक नदियों पर निर्भर लाखों हेक्टेयर जमीन सूख रही है। भारत ने कोर्ट के फैसले को मानने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद पाकिस्तान की अपील अटक गई है।

विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी खुलकर मान रहे हैं कि स्थिति काफी गंभीर है। अगर बारिश के मौसम में पानी का सही प्रबंधन नहीं हुआ तो बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। एक तरफ सूखा, दूसरी तरफ अचानक आने वाली बाढ़ दोनों ही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

भारत के साथ रिश्ते और ट्रीटी की अहमियत

इंडस वाटर ट्रीटी 1960 में हुई थी, जो दोनों देशों के बीच पानी बंटवारे का आधार है। पाकिस्तान को इस ट्रीटी से काफी उम्मीदें हैं क्योंकि उसकी बड़ी आबादी और खेती इसी पर टिकी है। लेकिन पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के कारण यह ट्रीटी भी विवादों में फंस गई है।

भारत का कहना है कि वह अपने हितों की रक्षा कर रहा है, जबकि पाकिस्तान इसे अपने अधिकारों पर हमला मान रहा है। ब्रिफिंग में अधिकारियों ने स्वीकार किया कि बातचीत के सारे रास्ते बंद होते जा रहे हैं।

पाकिस्तान के पास क्या विकल्प बचे हैं?

सवाल यह है कि पाकिस्तान के पास भारत पर दबाव डालने के लिए कौन से लीवर बचे हैं? अंतरराष्ट्रीय अदालतों में मामला अटका हुआ है। अमेरिका और चीन जैसे बड़े देशों से मदद मांगने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल रहा।