
डोनाल्ड ट्रंप। (Photo-IANS)
स्वीडन के हेलसिंगबोर्ग में नाटो विदेश मंत्रियों की बैठक चल रही थी। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा ऐलान किया, जिससे पूरे यूरोप ने राहत भरी सांस ली।
ईरान से तनाव के बीच ट्रंप ने नाटो को बताया कि वह पोलैंड में 5000 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक भेजने जा रहे हैं। यह फैसला इसलिए ज्यादा अहम है क्योंकि कुछ हफ्ते पहले ही पोलैंड में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती रद्द होने की खबर से हड़कंप मच गया था।
पोलैंड के राष्ट्रपति कारोल नवरोकी ने इसे व्यक्तिगत दोस्ती का नतीजा बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अच्छे रिश्ते तब बनते हैं जब दोनों पक्ष सम्मान और सुरक्षा को साथ लेकर चलें।
पोलैंड के रक्षा मंत्री व्लादिस्लाव कोसिनियाक-कामिश ने भी कहा कि अमेरिका-पोलैंड की दोस्ती अब और मजबूत हो गई है। उन्होंने बताया कि पोलैंड में कुल अमेरिकी सैनिकों की संख्या पहले के करीब 10,000 के आसपास ही रहेगी।
यह फैसला यूरोपीय देशों के लिए बड़ी राहत की खबर है। ट्रंप पिछले कई हफ्तों से नाटो देशों की खासी आलोचना कर रहे थे। खासकर ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल अभियान में यूरोपीय देशों के कम समर्थन पर नाराजगी जताई जा रही थी। ट्रंप ने यहां तक कह दिया था कि अगर साथ नहीं मिला तो अमेरिका नाटो से बाहर भी निकल सकता है।
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नाटो बैठक में साफ कर दिया कि सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ नाटो सहयोगी देशों ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका की कार्रवाई में जो साथ नहीं दिया, उससे व्हाइट हाउस निराश है।
रुबियो ने कहा- यह मुद्दा आज यहां नहीं सुलझेगा। इसे लीडर्स लेवल पर बात करके तय करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी रिश्ता तभी टिकता है जब उसमें सबका फायदा हो।
नाटो के यूरोपीय सदस्य देश अब ज्यादा जिम्मेदारी लेने को तैयार दिख रहे हैं। वे कह रहे हैं कि यूरोप की क्षेत्रीय सुरक्षा और हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आजादी बनाए रखने के लिए वे और योगदान देंगे।
Published on:
22 May 2026 10:07 pm
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