विदेश

Iran–Israel war: ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर, खामेनेई की मौत के बाद अराफी बने नए अयातुल्लाह

Iran–Israel war: ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई की हत्या के बाद अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। संवैधानिक परिषद अब ईरान का शासन संभालेगी। US-इजराइल स्ट्राइक के बाद क्षेत्रीय तनाव चरम पर है।
2 min read
• •
Updated: 1 Mar 2026, 4:01 PM IST
Ayatollah Arafi
अयातुल्लाह अराफी (फोटो- Iran Military Daily एक्स पोस्ट)

Iran–Israel war: ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। देश के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अंतरिम नेतृत्व की घोषणा की गई है। राज्य से जुड़ी समाचार एजेंसी इस्लामिक स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है, जो नए स्थायी नेता के चयन तक जिम्मेदारी संभालेंगे।

नए नेता के चुनाव तक जिम्मेदारी संभालेंगे अराफी

ईरान के संविधान के अनुसार सर्वोच्च नेता के निधन की स्थिति में एक अस्थायी नेतृत्व परिषद गठित की जाती है। इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मुख्य न्यायाधीश गोलाम हुसैन मोहसनी एजई और गार्जियन काउंसिल से एक धर्मगुरु शामिल होते हैं। गार्जियन काउंसिल देश की संवैधानिक निगरानी संस्था है। यही परिषद मिलकर देश के शासन की जिम्मेदारी संभालेगी। अराफी को इस अंतरिम परिषद में न्यायविद सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। उनका कार्य सर्वोच्च नेता की शक्तियों और कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा, जब तक विशेषज्ञों की असेंबली नए नेता का चुनाव नहीं कर लेती।

अमेरिका और इजरायल के हमले में मारे गए खामेनेई

86 वर्षीय अली खामेनेई, जो 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे, शनिवार को एक बड़े सैन्य हमले में मारे गए। यह संयुक्त अभियान संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल द्वारा चलाया गया है। हमले में सैन्य ठिकानों, सरकारी परिसरों और वरिष्ठ नेतृत्व से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें रक्षा मंत्री अमीर नासेरजादेह और सेना प्रमुख मोहम्मद पाकपुर से जुड़े स्थान भी शामिल थे। इस कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है और सुरक्षा स्थिति को अत्यंत संवेदनशील बना दिया है।

ईरान पर इस समय दोहरा संकट

खामेनेई की मौत की घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने की थी। सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए ट्रंप ने इसे न्याय बताया था। शुरुआत में ईरान ने इन खबरों का खंडन किया, लेकिन बाद में रविवार सुबह आधिकारिक पुष्टि कर दी। अब देश दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है, एक ओर बाहरी सैन्य दबाव और दूसरी ओर आंतरिक सत्ता परिवर्तन। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले सप्ताह ईरान की राजनीतिक स्थिरता और क्षेत्रीय संतुलन के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।

Updated on:
1 Mar 2026, 4:01 PM IST
Published on: