Middle East Conflict: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ग्रैंड अयातुल्ला मकारम शिराज़ी ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ जिहाद का फतवा जारी कर दिया है। 'ऑपरेशन फतेह खैबर' के तहत खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों की बारिश से मिडिल ईस्ट दहल उठा है।
Operation Epic Fury: अमेरिका और इज़राइल के हमले (Iran-Israel War )में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद, ईरान के धर्म गुरु मकारम शिराज़ी ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ जिहाद का फतवा जारी किया है। यह फतवा ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज़ एजेंसी तसनीम (Tasnim ) और मेहर न्यूज़ एजेंसी (Mehr News Agency) के माध्यम से रिपोर्ट किया गया। उन्होंने कहा कि खामेनेई की हत्या के मुख्य जिम्मेदार अमेरिका और "ज़ायोनी शासन" (इज़राइल) हैं, और दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इन अपराधियों से बदला लेना धार्मिक कर्तव्य है। यह ऐलान तेहरान या क़ुम से जुड़ा हुआ लगता है, लेकिन ईरानी मीडिया से सटीक स्थान की पुष्टि हुई है। यह घटना अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर 28 फरवरी 2026 को शुरू किए गए बड़े हमलों के बाद हुई, जिसमें खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई। ध्यान रहे कि नासिर मकारम शिराज़ी (Naser Makarem Shirazi) एक प्रमुख शिया ग्रैंड आयतुल्ला हैं, जो ईरान के क़ुम में रहते हैं। वे 99 वर्ष के हैं और शिया मुस्लिम समुदाय में एक वरिष्ठ धार्मिक अधिकारी माने जाते हैं, हालांकि वे ईरान की सरकार में कोई आधिकारिक नेतृत्व पद नहीं रखते। वे केवल फतवे जारी करने के लिए जाने जाते हैं।
ईरान के आक्रामक जवाबी हमलों के कारण पूरे मिडिल ईस्ट में भारी दहशत फैल गई है। दुबई, बहरीन और कुवैत जैसे प्रमुख शहरों में विस्फोट होने की खबरें हैं। कई एयरपोर्ट्स का संचालन प्रभावित हुआ है। फेयरमोंट दुबई (Fairmont Dubai) और क्राउन प्लाजा बहरीन (Crowne Plaza Bahrain) जैसे होटलों को भारी क्षति पहुंची है। ईरान की ओर से अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों को "वैध लक्ष्य" घोषित करने के बाद, अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने या होटलों से तुरंत निकलने की सलाह दी गई है।
ईरान के जवाबी हमलों से मिडिल ईस्ट "दहल" गया है। रिपोर्ट्स में दुबई, बहरीन, कुवैत आदि में विस्फोट, होटलों जैसे क्राउन प्लाजा बहरीन (Crowne Plaza Bahrain) और फेयरमोंट दुबई ( Fairmont Dubai) में क्षति और एयरपोर्ट प्रभावित होने की खबरें हैं। कई जगह पर अमेरिकी नागरिकों और अन्य को होटलों विशेष रूप से क्राउन प्लाजा (Crowne Plaza) से निकलने की सलाह दी गई है, क्योंकि ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों को वैध लक्ष्य घोषित किया है।
जंग के चलते दुनिया के देश दो गुटों में बंट गए हैं और कुछ देश शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं :
अमेरिका का 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर 28 फरवरी 2026 को यह ऑपरेशन लॉन्च किया गया। यह ईरान की राजधानी तेहरान के राजनीतिक और सैन्य ठिकानों पर दिन के उजाले में किया गया एक बड़ा हवाई हमला था। इसी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमेनेई के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
यह अमेरिका के साथ समन्वय (coordination) में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से चलाया गया अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों, ईरानी सेना (IRGC ) के बेस और उनके नेतृत्व को खत्म करना था।
खामेनेई की मौत और हमलों का बदला लेने के लिए ईरान ने यह जवाबी कार्रवाई की है। ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों (Gulf States) में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बारिश कर दी है। इनमें यूएई का 'अल धफरा एयर बेस', कतर का 'अल उदेद एयर बेस' और बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना का 5वां फ्लीट शामिल है।
गौरतलब है कि दुनिया पूरी तरह दो हिस्सों में नहीं बंटी है, कई देश (जैसे तुर्की, मिस्र, भारत, यूरोपीय संघ) हमलों की निंदा कर रहे हैं और शांति की अपील कर रहे हैं। उत्तर कोरिया ने ईरान पर हमले की निंदा की है। स्थिति तेजी से बदल रही है, और यह एक बड़े संघर्ष की शुरुआत लगती है।