Iran-Israel-War: बेरूत में इजरायली एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह नेता के करीबी अली यूसुफ हरशी की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। जवाबी हमलों और कूटनीतिक प्रयासों के बीच यूएस-ईरान सीजफायर (US Iran Ceasefire) कमजोर पड़ता दिख रहा है।
Iran-Israel-War: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। जहां एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के सीजफायर (US Iran Ceasefire) की घोषणा हो चुकी है वहीं दूसरी तरफ इजरायल के लेबनान पर हमले जारी है। इजरायल एक के बाद एक लेबनान पर हमले कर रहा है जिससे सीजफायर के तय सीमा से पहले खत्म होने का डर पैदा हो गया है। इसी बीच लेबनान से बड़ी खबर सामने आई है। इसके अनुसार इजरायल ने एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह प्रमुख के करीबी सहयोगी अली यूसुफ हरशी को मार गिराने का दावा किया है।
इजरायल ने गुरुवार को कहा कि उसने हिजबुल्लाह लीडर नईम कासेम के भतीजे और निजी सचिव अली यूसुफ हरशी को निशाना बनाकर मार दिया। यह हमला रात के समय बेरूत में किया गया, जिसे इजरायल ने अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया। इस घटना के बाद लेबनान में तनाव और बढ़ गया है। हिजबुल्लाह ने इसे सीधी उकसावे की कार्रवाई बताते हुए जवाबी हमले की चेतावनी दी है।
हमले के जवाब में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने इजरायल की ओर रॉकेट दागे। संगठन का कहना है कि यह कार्रवाई यूएस-ईरान सीजफायर के उल्लंघन के खिलाफ की गई है। बुधवार को इजरायल ने लेबनान में अब तक के सबसे घातक हमले किए, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस बढ़ती हिंसा ने पूरे क्षेत्र में डर का माहौल पैदा कर दिया है और संघर्ष के और भड़कने की आशंका बढ़ा दी है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हुआ दो हफ्ते का सीजफायर भी खतरे में पड़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। वहीं ईरान ने भी सख्त प्रतिक्रिया देने की बात कही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दोनों देशों से अपील की है कि लेबनान को भी शांति समझौते में शामिल किया जाए।