US-Israel iran military operation: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर युद्ध जारी, पहले छह दिनों में अमेरिका ने खर्च किए $11.3 बिलियन। जानें पेंटागन की सीक्रेट ब्रीफिंग में अमेरिकी सांसदों के सहायकों ने और क्या बड़े खुलासे किए और कैसे इस जंग से वैश्विक ऊर्जा बाजार में संकट गहरा गया है।
US-Israel-Iran Conflict: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले आज 13वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। अमेरिका और इजरायल की तरफ से हमले लगातार जारी हैं, वहीं ईरान किसी भी हालत में झुकने को तैयार नहीं है। इन सबके बीच यह जानकारी सामने आई है कि युद्ध के पहले छह दिनों में अमेरिका ने ईरान पर कितनी राशि खर्च की।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) प्रशासन के अधिकारियों ने अमेरिकी सांसदों को बताया कि ईरान के साथ युद्ध के पहले छह दिनों में अमेरिका ने कम से कम $11.3 बिलियन (लगभग ₹95,000 करोड़) खर्च किए। खास बात यह है कि पेंटागन (US Department of Defense) ने यह जानकारी अमेरिकी कांग्रेस को गुप्त ब्रीफिंग (Closed‑door Briefing) में दी। इस आंकड़े में युद्ध से पहले की तैयारियों और अन्य खर्च शामिल नहीं हैं, इसलिए वास्तविक लागत इससे कहीं अधिक होने की संभावना है।
कांग्रेस के कई सहायकों (Several congressional aides) का कहना है कि यदि युद्ध जारी रहता है तो अमेरिका को और भी अरबों डॉलर अतिरिक्त धन की आवश्यकता पड़ेगी। वे उम्मीद कर रहे हैं कि व्हाइट हाउस जल्द ही युद्ध के लिए कांग्रेस से अतिरिक्त फंड की मांग करेगा। कुछ अधिकारियों ने कहा कि यह अनुरोध $50 बिलियन के लिए हो सकता है, जबकि अन्य ने कहा कि यह अनुमान कम लग रहा है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने सार्वजनिक रूप से युद्ध की पूरी लागत या संघर्ष की समयसीमा जारी नहीं की है।
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में हमले शुरू किए थे। इन हमलों में अब तक लगभग 2,000 लोग मारे गए, जिनमें अधिकांश ईरानी और लेबनानी हैं। यह युद्ध खाड़ी देशों और लेबनान तक फैल गया है। इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है, जिससे कई देशों में तेल और गैस की किल्लत हो गई है।