
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की वजह से दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य और अन्य ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। अमेरिका ने लगातार पिछली 12 रात ईरान पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों अब तक कई हमले किए हैं। इन देशों में कुवैत (Kuwait) भी शामिल हैं जिसे लगातार ईरान के हमले झेलने पड़ रहे हैं।
ईरान ने एक बार फिर कुवैत पर हमला किया है और ताबड़तोड़ ड्रोन्स दागे हैं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने इस हमले के बारे में बयान जारी करते हुए कहा, "अब्दाली सीमा चौकी पर दुश्मन की तरफ से ड्रोन्स की बौछार हुई, जिससे काफी नुकसान हुआ, लेकिन अल्लाह की खैरियत से कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ। यह हमला होते ही सक्षम अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों के समन्वय से तत्काल ज़रूरी कदम उठाए और स्थिति को संभाला। कुवैती सेना अपने मिशन और कर्तव्यों का उच्च दक्षता के साथ निर्वाह जारी रखने और मातृभूमि की सीमाओं की रक्षा और उसकी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी ज़रूरी उपाय अपनाने की पुष्टि करती है।"
ईरान के ड्रोन अटैक को विफल करने के लिए कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम्स ने पूरी कोशिश की। हालांकि इसके बावजूद कुछ ड्रोन्स को रोका नहीं जा सका। एक पावर स्टेशन पर ईरानी ड्रोन गिरने से काफी नुकसान हुआ और भीषण आग लग गई।
ईरान ने इराक और कुवैत के बीच बॉर्डर क्रॉसिंग के पास के इलाके पर हमला किया। हमले के बाद इस इलाके में जोरदार धमाकों की आवाज़ सुनी गई। जानकारी के अनुसार यह इलाका रणनीतिक रूप से संवेदनशील है। यह इलाका दक्षिणी इराक और उत्तरी कुवैत में बड़े तेल क्षेत्रों और अहम लॉजिस्टिक्स रूट के नज़दीक है।
कुवैत पर क्यों हमले करता है ईरान?
मिडिल ईस्ट में कुवैत, अमेरिका के अहम सहयोगी देशों में से एक है। कुवैत में अमेरिका के सैन्य ठिकाने भी मौजूद हैं। इसी वजह से ईरान के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान, कुवैत पर हमले करता है।