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Kashmir dispute: मक्का डिफेंस डील के बाद UNGA में एर्दोगन ने छेड़ा कश्मीर राग, जानें भारत ने क्या कहा

UNGA 2026 में तुर्कीए के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कश्मीर मुद्दे पर बातचीत से समाधान की पैरवी की। मक्का रक्षा समझौते के बाद आए बयान पर भारत का रुख भी जानें।
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Erdogan UN speech

मक्का समझौते के बाद UNGA में एर्दोगन का कश्मीर पर बड़ा बयान, Photo Source (ChatGpt)

Erdogan Kashmir Statement: इस्लामाबाद के साथ तीन देशों के आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ दिनों बाद, तुर्कीए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित किया। इसमें उन्होंने कश्मीर पर पाकिस्तान के भारत-विरोधी रुख को दोहराया और बातचीत की बात भी कही।

महासभा को संबोधित करते हुए एर्दोगन ने कहा कि दक्षिण एशिया में कश्मीर सहित सभी विवादों का समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के दायरे में बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रचनात्मक कदमों से सभी मुद्दे हल किए जा सकते हैं, और यही बात अफ्रीकी महाद्वीप के तनाव पर भी लागू होती है।

मक्का रक्षा समझौते के बाद आया बयान

एर्दोगन का यह बयान ऐसे समय आया है जब तुर्कीए, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच 7 अगस्त को 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर हुए थे। यह त्रिपक्षीय समझौता सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, एर्दोगन और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच हुआ था और तुर्की को पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था से प्रभावी ढंग से जोड़ता है।

भारत का रुख: बातचीत और आतंकवाद साथ नहीं चल सकते

शिमला समझौते के तहत भारत और पाकिस्तान द्विपक्षीय बातचीत से मतभेद सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत लगातार कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग है, और पाकिस्तान ने 1999 के लाहौर घोषणापत्र से लेकर 2015 की लाहौर पहल तक हर शांति प्रयास का जवाब सीमा-पार आतंकवाद से दिया है। कारगिल, 26/11, पठानकोट और पुलवामा जैसे हमलों के बाद नई दिल्ली का स्पष्ट रुख है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।

गाजा पर भी एर्दोगन का बड़ा हमला

भाषण के दौरान इजराइली प्रतिनिधिमंडल सभा हॉल से बाहर चला गया। एर्दोगन ने गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई की तीखी निंदा करते हुए इसे "स्टेट टेरर" बताया और दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में कम से कम 74,000 लोग मारे गए हैं।

सिंधु जल संधि पर भारत की सख्त प्रतिक्रिया

इससे पहले मंगलवार को ही भारत ने पाकिस्तान को सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर कड़ा जवाब दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रोपेगैंडा फैलाने की आदत रखता है, और तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय का फैसला गैर-कानूनी तरीके से गठित संस्था का है।