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धमाकों से दहलाने के बाद ईरान बोला:’हां! हमने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर हमले किए’

Iran Tit for Tat Campaign:ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर हमले करने के बाद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए हमलों की बेबाकी और चुनौती भरे अंदाज में जिम्मेदारी स्वीकार की है। आईआरजीसी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह हमला ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में चल रहे टिट फॉर टैट अभियान का हिस्सा है।
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Jul 13, 2026
Iran Attacks US Bases in The Gulf News.
ईरान ने खाड़ी देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ( फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)

Iran Stated Carried Out Attacks Against US Bases in The Gulf : ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर हमले करने के बाद पूरी बेबाकी और दंबगई से कहा है कि हां उसी ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड कोर ने यह जिम्मेदारी ली है। यह हमला ईरान में अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में चल रहे 'जैसे को तैसा' अभियान का हिस्सा है । ईरानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना और आईआरजीसी ने 'रीजन में दुश्मन के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। उसने होर्मुज में अमेरिका की और अधिक सक्रिय रहने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान इस जलमार्ग में 'लगातार विदेशी सैन्य हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देगा।'

जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया

ईरान के एक सैन्य अधिकारी का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अभियान अमेरिका की ओर से ईरान पर लगातार किए जा रहे हमलों के जवाब में शुरू किया गया था और पिछले 48 घंटों के दौरान 'दुश्मन की गतिविधियों' के बाद पहचाने गए टारगेट निशाना बनाए गए थे। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि अभियान के पहले चरण में जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिससे कई ईंधन डिपो और गोला-बारूद स्टोरेज में आग लगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई आईआरजीसी नेवी के उस ऑपरेशन के बाद हुई, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों को रोका था,इन जहाजों पर आरोप था कि वे 'अपने ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके, गैर-कानूनी तरीके से चल रहे थे और जहाज को खतरे में डाल रहे थे।

दूसरे चरण में बहरीन के शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया गया

आईआरजीसी ने कहा कि दूसरे चरण में बहरीन के शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया गया, और दावा किया कि उसके एयरोस्पेस फोर्सेज ने 'हेलीकॉप्टर मेंटेनेंस फैसिलिटी, पी-8 विमान वाले हैंगर और अमेरिकी सैन्य ड्रोन कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर' पर हमला किया। तीसरे चरण में, आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने कुवैत के अली अल-सलेम एयरबेस पर ईंधन टैंक और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से तबाह कर दिया है, साथ ही अहमद अल-जाबेर एयरबेस पर एक "रणनीतिक एफपीएस रडार प्रणाली' भी नष्ट कर दी है। आईआरजीसी ने कहा कि उसकी जवाबी कार्रवाई जारी है और इसके परिणाम आगामी बयानों में घोषित किए जाएंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी केंद्रीय कमान ने रविवार को ईरान में कई स्थानों पर आक्रामक सटीक हमलों की एक बड़ी लहर शुरू की, जिसमें तेहरान की अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को बाधित करने की क्षमता कमजोर करने के लिए दर्जनों सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों का नया दौर शुरू किया

सेंटकॉम के बयान के अनुसार, ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य की रक्षा के लिए किए गए थे, जो एक महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्ग है। कमांड ने कहा, 'होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री गलियारा है। ईरान का इस पर नियंत्रण नहीं है।' अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों का एक नया दौर शुरू किया , जिसमें अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की तेहरान की क्षमता को और कम करना है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के खिलाफ और हमले शुरू किए : सेंटकॉम

सेंटकॉम ने X पर एक पोस्ट में कहा कि ये हमले कमांडर इन चीफ के निर्देश पर ईरानी सेना को जवाबदेह ठहराने के लिए किए गए थे। सेंटकॉम ने कहा, 'आज शाम 5 बजे पूर्वी समय के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड फोर्सेज ने ईरान के खिलाफ और हमले शुरू किए, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता लगातार कम की जा सके। कमांडर इन चीफ ने ईरानी सेना को जवाबदेह ठहराने के लिए ये हमले करने का निर्देश दिया है।' (इनपुट : ANI)

Updated on:
13 Jul 2026 11:11 am
Published on:
13 Jul 2026 11:11 am