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कुवैत ने ईरान के टारगेट को निशाना बनाया, जॉर्डन ने 4 मिसाइलें गिराईं; अमेरिका ने युद्ध में अपनाई नई स्ट्रेटेजी

US-Iran War: ईरान की ओर से गल्फ के एयरबेसां पर हमले करने पर कुवैत ने ईरान के एक टारगेट को निशाना बनाया, जॉर्डन ने चार मिसाइलों को रोका और बहरीन में चेतावनी वाले सायरन बजे। इस बार अमेरिका ने इस जंग की नई रणनीति अपनाई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान में 140 से ज़्यादा टारगेट पर हमले किए हैं। कुवैत ने ईरान के एक टारगेट को निशाना बनाया, जॉर्डन ने चार मिसाइलों को रोका और बहरीन में चेतावनी वाले सायरन बजे।
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भारत

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MI Zahir

Jul 13, 2026

US-Iran War New Strategy News.

अमेरिकी सेना का ईरान पर हमला। ( फोटो: ANI)

US-Iran War New Strategy : ईरान की ओर से तीन खाड़ी देशों में अमेरिकी एयरबेस पर हमले करने के बाद, कुवैत ने सोमवार को कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम 'दुश्मन के हवाई टारगेट' का मुकाबला कर रहे थे, जबकि जॉर्डन ने घोषणा की कि उसने ईरान से दागी गई चार मिसाइलें रोक दी हैं। जंग के इन हालात के बीच, बहरीन में वॉर्निंग देने वाले सायरन बजने लगे। यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान में 140 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि अमेरिका ने फाइटर जेट्स के साथ-साथ वन-वे अटैक ड्रोन और सी-ड्रोन का इस्तेमाल करके ईरान के रडार साइट्स और मिसाइल डिपो को तबाह कर दिया है।

'दुश्मन के एयर टारगेट' से मुकाबला : आईआरजीसी

ये घटनाक्रम तब सामने आए जब इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स ने सोमवार को कहा कि उसने ईरान में अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में अपने जारी 'जैसे को तैसा' अभियान के तहत जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। कुवैत सशस्त्र बलों ने X पर की गई एक पोस्ट में बयान जारी कर कहा कि वह वर्तमान में कुवैती हवाई क्षेत्र के अंदर 'दुश्मन के एयर टारगेट' से मुकाबला कर रहा है।

ईरानी सेना को जवाबदेह ठहराने के लिए किए गए हमले

सेंटकॉम ने X पर एक पोस्ट में बताया कि ईरान पर ये हमले कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर ईरानी सेना को जवाबदेह ठहराने के लिए किए गए थे। सेंटकॉम ने कहा, 'शाम 5 बजे यूएस सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ईरान के खिलाफ और हमले किए, ताकि होर्मुज से गुजरने वाले नागरिकों और कॉमर्शियल जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता और कम की जा सके। कमांडर-इन-चीफ ने ईरानी सेना को जवाबदेह ठहराने के लिए ये हमले करने का आदेश दिया था।'

ईरान का होर्मुज पर कंट्रोल नहीं: सेंटकॉम

सेंटकॉम के एक बयान के मुताबिक, ये हमले दुनिया के लिए अहम समुद्री रास्ते, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए थे। कमांड ने कहा, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ग्लोबल ट्रेड के लिए एक बहुत जरूरी समुद्री रास्ता है। ईरान का होर्मुज पर कंट्रोल नहीं है।'

गैर-कानूनी उत्पीड़न और मनमानी धमकियों वाला मामला: अमेरिका

अमेरिका का कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई इलाके में लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद की गई है। वॉशिंगटन ने इस स्थिति को ईरान की ओर से अंतरराष्ट्रीय कॉमर्शियल जहाजों के खिलाफ बिना उकसावे के आक्रामकता, गैर-कानूनी उत्पीड़न और मनमानी धमकियों वाला मामला बताया है।

एयर डिफेंस सिस्टम के हमले रोकने की वजह से आई 'धमाकों की आवाज'

कुवैत सशस्त्र बलों ने पोस्ट में कहा गया, 'कुवैत की फौज अभी कुवैत के हवाई क्षेत्र में दुश्मन के एयर टारगेट को निशाना बना रही है।' सेना ने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान असल में एयर डिफेंस सिस्टम के हमले रोकने की वजह से 'धमाकों की आवाज' सुनाई दे रही थी। पोस्ट में कहा गया है, 'कुवैत सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने घोषणा की है कि सुनाई देने वाली कोई भी विस्फोट की आवाज एयर डिफेंस सिस्टम से दुश्मन के हमलों को रोकने का परिणाम है।" इसमें जनता से आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करने का भी आह्वान किया गया है और उनसे "संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने" का आग्रह किया गया है।

आम नागरिको शांत रहें और सबसे नजदीकी सुरक्षित जगह पर चले जाएं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉर्डन की सेना ने कहा है कि उसने ईरान बॉर्डर से दागी गईं चार मिसाइलें रोक कर मार गिराईं, जो जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में घुस गई थीं। बहरीन में, गृह मंत्रालय ने X पर एक पोस्ट में चेतावनी वाले सायरन बजने की जानकारी देते हुए कहा, "सायरन बज गया है। आम नागरिकों और रहवासियों से शांत रहने और सबसे नजदीकी सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की जाती है।

हमले के कुछ घंटों बाद कुवैत, जॉर्डन और बहरीन के बयान सामने आए

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान पर अमेरिकी हमलों के जवाब में आईआरजीसी ने इन तीनों खाड़ी देशों में मौजूद मिलिट्री बेस पर हमले की जिम्मेदारी ली और इसके कुछ घंटों बाद ही कुवैत, जॉर्डन और बहरीन के बयान सामने आए।

ईरान के डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स निशाना बनाए

ये जवाबी हमले तब हुए हैं जब रविवार को यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान में कई जगह पर हमले किए। इन ऑपरेशन्स के दौरान दर्जनों मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनका मकसद तेहरान की अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में बाधा डालने की क्षमता कम करना था। इन ऑपरेशन्स में खास तौर पर ईरान के मिलिट्री एयर डिफेंस सिस्टम, रडार इंफ्रास्ट्रक्चर, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स और छोटे टैक्टिकल जहाज निशाना बनाए गए।

अमेरिकी फौज की स्ट्रेटेजी से ईरान दहल उठा

बहरहाल इस बार जंग में अमेरिका की स्ट्रेटेजी यह रही कि उसने अपनी रणनीतिक तैनाती बड़े पैमाने पर बढ़ाते हुए एक मल्टी-डोमेन स्ट्राइक फोर्स का इस्तेमाल किया। इस फोर्स में फाइटर जेट, नेवी के युद्धपोत और पहली बार वन वे अटैक एरियल ड्रोन और वन वे अटैक मैरीटाइम ड्रोन शामिल किए, जिससे ईरान दहल गया। (इनपुट: ANI)