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26 साल के प्रदर्शनकारी को फांसी पर लटकाएगी ईरान सरकार, खामेनेई विरोधी आंदोलन की यह पहली सजा-ए-मौत

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान पहली बार किसी प्रदर्शनकारी को मौत की सजा दी जा रही है। ईरानी सरकार ने हाल ही में प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा दिए जाने की घोषणा की थी।

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Jan 13, 2026
इरफ़ान सुल्तानी (फोटो- AdamSwattii एक्स पोस्ट)

ईरान में पिछले कई दिनों से जनता खामेनेई सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सरकार गिरने की नौबत आ गई है। ऐसे में प्रदर्शन को कुचलने के लिए पिछले दिनों ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा दिए जाने का एलान किया था। सरकार के इस एलान के बाद अब पहली बार किसी प्रदर्शनकारी को सजा-ए-मौत मिलने जा रही है। सरकार ने 26 वर्षीय इरफ़ान सुल्तानी नामक शख्स को फांसी पर लटकाने का फैसला किया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इरफ़ान को बुधवार को फांसी दी जाएगी।

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500 से ज्यादा लोगों की हो चुकी है मौत

ईरान में बढ़ रहे आर्थिक संकट के चलते देश की जनता ने यह प्रदर्शन शुरू किया है। लोगों ने खामेनेई सरकार को सत्ता से हटाने का फैसला ले लिया है लेकिन सरकार सत्ता में बने रहने की पूरी कोशिश कर रही है। सरकार ने पुलिस को प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां चलाने के आदेश भी दे दिए हैं। देश के सभी 31 प्रांतों और 100 से ज्यादा शहरों में फैले इन प्रदर्शनों में अब तक 500 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। प्रदर्शन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर जेल में बंद किया जा रहा है।

बिना मुकदमा चलाए इरफान को मिलेगी फांसी

इरफ़ान को भी पिछले हफ्ते राजधानी तेहरान के पास स्थित कराज शहर में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। अब खबर सामने आ रही है कि सरकार इरफान को फांसी पर लटकाने जा रही है। इरान सरकार ने बिना कोई मुकदमा चलाए या कानूनी प्रक्रिया पूरी किए इरफान को फांसी देने का फैसला कर लिया है। नॉर्वे स्थित NGO 'ईरान ह्यूमन राइट्स' के अनुसार, ईरान सरकार ने इरफान के परिवार को यह सूचना दी है कि उसे मौत की सजा सुनाई गई है और उसे बुधवार यानी 14 जनवरी को फांसी पर लटकाया जाएगा।

मानवाधिकार संगठनों ने दुनिया के देशों से मांगी मदद

ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने हाल ही में प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा दिए जाने का एलान किया था। आजाद ने कहा था कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को ‘मोहरेब’ यानी खुदा का दुश्मन माना जाएगा और इसके लिए उन्हें मौत की सजा दी जाएगी। रविवार को की गई इस घोषणा के बाद अब बुधवार को पहली बार एक प्रदर्शनकारी को फांसी पर लटकाया जाएगा। कई मानवाधिकार संगठन खामेनेई सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी इन ईरान नामक एक संगठन ने दुनिया भर के देशों से इरफान की फांसी को रोकने के लिए मदद मांगी है।

Updated on:
13 Jan 2026 01:58 pm
Published on:
13 Jan 2026 01:52 pm
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