ईरानी महिलाएं खामेनेई की जली हुई तस्वीरों से सिगरेट जला रही हैं। सोशल मीडिया पर इसकी वीडियो वायरल हो रहे है। इनमें कथित तौर पर ईरानी महिलाओं को सर्वोच्च नेता की तस्वीरों को जलाकर सिगरेट जलाते हुए दिखाया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच ईरान की सड़कों पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की जली हुईं तस्वीरों से सिगरेट जलाती महिलाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। हालाकि यह वीडियो पुरानी है, लेकिन ऐसे में फिर से वायरल हुआ है जहां प्रदर्शन हिंसक हो गया है। मरने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों ने इंटरनेट बंद कर दिया है और दुनिया से संपर्क के लिए टेलीफोन लाइनें काट दी हैं।
आपको बता दें कि यह विरोध प्रदर्शन दिसंबर के अंत में शुरू हुए और देश में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से चली आ रही धार्मिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गए हैं। तेहरान के एक डॉक्टर ने टाइम पत्रिका को बताया कि देश के केवल छह अस्पतालों ने कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की है, जिनमें से अधिकांश की मौत गोलियों के कारण हुई है।
ईरानी महिलाएं खामेनेई की जली हुई तस्वीरों से सिगरेट जला रही हैं। सोशल मीडिया पर इसकी वीडियो वायरल हो रहे है। इनमें कथित तौर पर ईरानी महिलाओं को सर्वोच्च नेता की तस्वीरों को जलाकर सिगरेट जलाते हुए दिखाया गया है। तेहरान से सामने आए कुछ अपुष्ट दृश्यों में कथित तौर पर महिलाओं को बड़े-बड़े अलाव में अपने सिर के स्कार्फ जलाते हुए दिखाया गया है।
इस प्रश्न के उत्तर को दो अलग-अलग नियम जोड़ते हैं। पहला, ईरान के कानून के तहत सर्वोच्च नेता की तस्वीरें जलाना एक गंभीर अपराध माना जाता है। दूसरा, देश के कई हिस्सों में महिलाओं के धूम्रपान पर वर्षों से प्रतिबंध लगा हुआ है या इसे हतोत्साहित किया जाता है। इन दोनों कृत्यों को एक साथ अंजाम देकर और अनिवार्य हिजाब नियमों की खुलेआम अवहेलना करके, प्रदर्शनकारी राज्य की सत्ता के साथ-साथ कठोर सामाजिक प्रतिबंधों के खिलाफ भी आवाज उठा रहे हैं।
आपको बता दें कि इस तरह का विरोध प्रदर्शन 2022 में पुलिस हिरासत में महसा अमिनी की मौत के बाद शुरू हुई असहमति की लहर से प्रेरित है। उन्हें महिलाओं के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का कथित तौर पर उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
शुरुआत में विरोध प्रदर्शन खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी वृद्धि और देश की अत्यधिक उच्च वार्षिक मुद्रास्फीति जैसी चिंताओं पर केंद्रित थे। हालांकि, अब प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी बयान भी देने शुरू कर दिए हैं। यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुए जब इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स ने रिपोर्ट दी कि अधिकारियों ने देशव्यापी इंटरनेट बंद लागू कर दिया है और कहा कि यह कदम ईरानियों के अधिकारों का उल्लंघन करता है और शासन की हिंसा को छुपाने का प्रयास है।