ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग को 20 दिन से अधिक समय गुजर चुका है। इस संघर्ष की वजह से मिडिल ईस्ट में पैदा हुए तनाव के बीच ईरान ने ग्लोबल मार्केट में अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है। ईरान के इस बयान से ग्लोबल मार्केट में चिंता बढ़ गई है।
US, Iran-Israel War: ईरान-इजरायल संघर्ष 28 फरवरी से जारी है। इस संघर्ष की वजह से मिडिल ईस्ट में तनाव है और ग्लोबल मार्केट में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ईंधन संकट के बीच ईरान के बयान ने ग्लोबल मार्केट में ईंधन आपूर्ति की उपलब्धता पर चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी तौर पर ढील दी है। अमेरिका की ढील के बाद ईरान ने दावा किया कि उसके पास निर्यात के लिए अतिरिक्त कच्चा तेल नहीं है।
अमेरिका ने ईरानी कच्चे तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों पर अस्थायी तौर पर ढील दी है, ताकि वैश्विक आपूर्ति में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल जोड़ा जा सके। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और आसमान छूती कच्चे तेल की कीमतों के बीच अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने महत्वपूर्ण 'जनरल लाइसेंस' जारी किया है। इसके अनुसार, समुद्र में पहले से मौजूद ईरान के कच्चे तेल (Crude Oil) और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की अस्थायी अनुमति दी गई है। यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।
अमेरिका की ढील के बाद ईरान ने चौंकाने वाला दावा किया है। न्यूज 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कहा कि ग्लोबल मार्केट(Global market) में आपूर्ति के लिए हमारे पास न कच्चा तेल है और न अतिरिक्त भंडार हैं। ईरान के इस बयान से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। होर्मुज संकट के बीच पूरी दुनिया में कीमतों में उछाल और आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। ईरानी तेल मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में ईरान के पास समुद्र मार्ग से या अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों को ऑफर करने लायक कोई अतिरिक्त कच्चा तेल या अनुपयोग क्षमता नहीं बची है।
ईरानी अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि युद्ध-संबंधित अस्थिरता और प्रतिबंधों के कारण देश अतिरिक्त तेल की मात्रा को स्वतंत्र रूप से अन्य दिशाओं में मोड़ने में सक्षम नहीं है। बता दें कि ईरान के कच्चे तेल और पेट्रोलियम निर्यात मुख्य रूप से कुछ प्रमुख खरीदारों पर केंद्रित हैं। 2024-2025 तक मूल्य और हिस्सेदारी के आधार पर खरीदारों की लिस्ट में सबसे ऊपर चीन रहा है, जो हाल के वर्षों में ईरान के लगभग 90% कच्चे तेल निर्यात का हिस्सा रखता है।
ईरान और US-इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष की वजह से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव है। अब इस तनाव पर विराम लगने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को खत्म करने का संकेत दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रूथ पर इसकी जानकारी दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा- ईरान के आतंकवादी शासन के संबंध में मध्य पूर्व में अपने व्यापक सैन्य प्रयासों को समाप्त करने पर विचार करते हुए, हम अपने उद्देश्यों को पूरा करने के बहुत करीब पहुंच रहे हैं। ट्रंप ने अपने 5 उद्देश्य गिनाते हुए आगे लिखा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (होर्मुज स्ट्रेट) का उपयोग करने वाले अन्य देशों को आवश्यकतानुसार इसकी सुरक्षा और निगरानी करनी होगी।