
US-Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब और भी ज्यादा बढ़ गया है। अब ईरान ने साफ कर दिया है कि फिलहाल अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत नहीं होगी। तेहरान का कहना है कि अब उसकी पहली प्राथमिकता अपनी सुरक्षा और रक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। दूसरी ओर अमेरिका लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है। जवाब में ईरान भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा कर रहा है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने की कोई योजना नहीं है। उनका कहना है कि अमेरिका पहले हुए समझौते की शर्तों का पालन नहीं कर रहा है। इसलिए ईरान भी खुद को उस समझौते का पालन करने के लिए बाध्य नहीं मानता।
बघाई ने कहा कि इस समय देश का पूरा ध्यान अपनी सुरक्षा पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो उसकी सेना पूरी ताकत से जवाब देगी। उनके मुताबिक, देश के भीतर भी लोगों का सरकार को पूरा समर्थन मिल रहा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी कि उसने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले किए हैं। इन हमलों में मिसाइल साइट, ड्रोन बेस, नौसैनिक ठिकाने और तटीय रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया गया।
अमेरिका का दावा है कि ईरान इन सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों को खतरे में डालने के लिए कर रहा था। इसी वजह से यह कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों के आसपास नौसैनिक निगरानी और ब्लॉकेड भी दोबारा शुरू कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखना है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) और ईरानी सेना ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कुवैत में एयर डिफेंस सिस्टम, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं जॉर्डन और बहरीन में भी अमेरिकी सैन्य सुविधाओं पर हमले का दावा किया गया है।