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मध्य-पूर्व तनाव पर ईरान का बड़ा बयान, कहा- ‘हम अस्थायी युद्ध विराम स्वीकार नहीं करेंगे’

Saeed Khatibzadeh: ईरान के विदेश उप-मंत्री सईद खतीबजादेह बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, हम किसी भी अस्थायी संघर्ष-विराम को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

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Apr 17, 2026
Iran Deputy FM Saeed Khatibzadeh on iran us ceasefire.
ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबज़ादेह (File Photo/ANI)

US-Iran: अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह का अस्थायी युद्ध विराम 21 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच स्थायी शांति स्थापित करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसकी क्रम में ईरान की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उसने कहा कि हम किसी भी तरह के अस्थायी युद्धविराम को स्वीकार नहीं करेंगे। उसने क्षेत्रीय युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की।

अंटाल्या डिप्लोमैटिक फोरम के मंच पर ईरान के विदेश उप-मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि किसी भी युद्धविराम में लेबनान से लेकर लाल सागर तक के सभी सक्रिय क्षेत्र शामिल होने चाहिए। उन्होंने इस व्यापक दायरे को ईरानी सरकार के लिए एक रेड लाइन के रूप में परिभाषित किया।

खतीबजादेह ने मीडिया से कहा कि हम किसी भी अस्थायी संघर्ष-विराम को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा की मौजूदा लहर सिर्फ कुछ समय के लिए रुकने के बजाय, यहीं पर हमेशा के लिए समाप्त हो जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहा है और लंबे समय से सभी के लिए उपलब्ध है। अमेरिका और इजरायल की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि वे स्थानीय अशांति को बढ़ाने वाले रहे हैं, जिसने बाद में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और व्यापक वैश्विक वित्तीय प्रणाली को नुकसान पहुंचाया है।

होर्मुज स्ट्रेट बंद रहा तो ऊर्जा की कीमतें बढ़ेंगी

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के चीफ फातिह बिरोल ने चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहा तो ऊर्जा की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके असर को बाजार कम करके आंक रहा। उन्होंने कहा कि एशियाई बाजारों में तेल, गैस और ईंधन की नई सप्लाई नहीं पहुंच रही है, जिसका असर अब दिखने लगा है। गरीब देशों पर उर्जा संकट का असर सबसे ज्यादा पड़ेगा।

होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए फ्रांस तैयार

बेल्जियम, नीदरलैंड्स, फ्रांस जैसे यूरोपीय देश होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने को तैयार हैं। फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथेरिन वात्रिका ने इस बारे में कहा कि ये जहाजों को पूरी सुरक्षा के साथ एस्कॉर्ट कर सकते हैं। आपको बता दें कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है।

Published on:
17 Apr 2026 04:38 pm