संदेश में मोजतबा ने कहा कि ईरान न्याय और शांति की राह पर है, लेकिन दुश्मनों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात दोहराई और कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो अन्य सैन्य क्षमताएं भी सक्रिय की जाएंगी।
Mojtaba Khamenei First Speech: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने घोषणा की कि ईरान अपने शहीदों का बदला लेना जारी रखेगा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखा जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इजरायल के साथ युद्ध 10वें दिन में प्रवेश कर चुका है और वैश्विक तेल कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। मोजतबा ने कहा, 'हम अपने शहीदों के खून को व्यर्थ नहीं जाने देंगे, खासकर मिनाब में शहीद हुए लोगों और बच्चों की शहादत का बदला जरूर लिया जाएगा।'
मोजतबा खामेनेई, जो दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं, को असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने 8 मार्च को नया सुप्रीम लीडर चुना था। उनके पिता की मौत युद्ध के पहले दिन अमेरिकी-इजरायली हमलों में हुई थी। मोजतबा 56 वर्षीय हार्डलाइनर क्लेरिक, आईआरजीसी से गहरे जुड़े हैं और कभी सार्वजनिक पद पर नहीं रहे, लेकिन पर्दे के पीछे प्रभावशाली रहे हैं। उनकी नियुक्ति को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें 'अमान्य' बताया था।
संदेश में मोजतबा ने कहा कि ईरान न्याय और शांति की राह पर है, लेकिन दुश्मनों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात दोहराई और कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो अन्य सैन्य क्षमताएं भी सक्रिय की जाएंगी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने का ऐलान सबसे बड़ा है, क्योंकि यह मार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है, तेल उत्पादन प्रभावित हो रहा है और जहाजों की आवाजाही रुक गई है।
मोजतबा कैमरे पर नहीं दिखे, जिससे अफवाहें फैलीं कि वे युद्ध में घायल हैं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों और राष्ट्रपति के बेटे ने दावा किया कि वे सुरक्षित और सक्रिय हैं। संबोधन ऑडियो या लिखित रूप में जारी किया गया। उन्होंने ईरानी सेना और लोगों से एकजुट रहने की अपील की और रैलियों में रिकॉर्ड संख्या में शामिल होने को कहा।