इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है। एक बयान में कहा गया कि AI, ICT और क्लाउड सर्विसेज में शामिल कंपनियां (जैसे Google, Microsoft, Amazon, Nvidia आदि) अब वैध टारगेट हैं।
ईरान युद्ध चरम पर है। इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अब अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है। साथ ही उसने कर्मचारियों और आस-पास रहने वाले लोगों से तुरंत जगह खाली करने का आग्रह किया है।
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है- चूंकि आतंकवादी लक्ष्यों को डिजाइन करने और ट्रैक करने में मुख्य भूमिका अमेरिकी, ICT और AI कंपनियों की है। इसलिए अब से ये मुख्य संस्थान हमारे टार्गेट होंगे।
IRGC ने कहा कि अगर निशाना बनाकर और अधिक ईरानी नेताओं को मारा जाता है, तो कल स्थानीय समय के अनुसार रात 8 बजे से हमला शुरू होगा। जिसमें 18 कंपनियों को निशाना बनाया जाएगा। इनमें बोइंग, टेस्ला, मेटा, गूगल और एप्पल शामिल होंगे।
बता दें कि ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने देश में दवा कंपनियों पर हमले करने के लिए इजराइल की निंदा की है। अराघची ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा- इजराइल में मौजूद युद्ध अपराधी अब खुलेआम और बेशर्मी से दवा कंपनियों पर बमबारी कर रहे हैं। उनके इरादे साफ हैं।
उन्होंने इजराइल को चेतावनी भी दी। विदेश मंत्री ने कहा- इजराइल ने जो गलती की है, वह यह है कि वे निहत्थे फिलिस्तीनी नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। हमारी शक्तिशाली सेना हमलावरों को कड़ी सजा देगी।
उधर, इजराइल की सेना का दावा है कि उसने पिछले 24 घंटों में पूरे ईरान में 230 से ज्यादा हमले किए हैं। सेना ने इसे ईरानी सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए चलाया गया एक व्यवस्थित अभियान बताया है।
ईरान ने बार-बार कहा है कि इजराइल और अमेरिका नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बना रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने मंगलवार को कहा कि दवा कंपनियों को भी निशाना बनाया गया है।
वहीं, कुवैत में भी आज हमला हुआ. कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि उसने पिछले 24 घंटों के दौरान ईरान की ओर से आए पांच बैलिस्टिक मिसाइलों और सात ड्रोनों को मार गिराया है, जिन्होंने उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था।