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नाटो देशों के धोखे से टूट गए डोनाल्ड ट्रंप, ईरान युद्ध के बीच जारी किया एक और बड़ा फरमान

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ब्रिटेन व फ्रांस पर हमला बोला। हार्मुज स्ट्रेट बंद होने से जेट फ्यूल की कमी झेल रहे देशों, खासकर ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान में शामिल न होने वाले ब्रिटेन को सलाह दी

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भारत

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Mukul Kumar

Mar 31, 2026

Donald Trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)

ईरान युद्ध में अमेरिका और उसके पुराने साथियों के बीच की दरार अब खुलकर सामने आ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने Truth Social अकाउंट पर एक पोस्ट किया, जिसमें खुले तौर पर ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों पर निशाना साधा।

ट्रंप ने लिखा कि जिन देशों को हार्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से जेट फ्यूल नहीं मिल रहा, खासकर ब्रिटेन जैसे देश जिन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है, उनके लिए मेरे पास दो सुझाव हैं।

अमेरिका के पास भरपूर तेल

ट्रंप ने पहला सुझाव देते हुए कहा कि या तो अमेरिका से तेल खरीदो, क्योंकि हमारे पास भरपूर तेल है। नहीं तो दूसरा उपाय यह है कि थोड़ी हिम्मत जुटाओ, हार्मुज जाओ और खुद तेल लेकर आओ। अब तुम्हें खुद लड़ना सीखना होगा।

उन्होंने कहा कि अमेरिका अब वहां तुम्हारी मदद के लिए नहीं आएगा, जैसे तुम हमारे लिए नहीं आए। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को अनिवार्य रूप से तबाह कर दिया गया है। ऐसे में जाओ अपना तेल खुद लेकर आओ।

ट्रंप का यह बयान क्यों इतना अहम है?

अमेरिका ने इससे पहले कभी इतने सीधे और कड़े शब्दों में ब्रिटेन और फ्रांस जैसे नाटो सहयोगियों को नहीं कोसा। यह सिर्फ तेल की बात नहीं है। यह पश्चिमी गठबंधन में पड़ती उस दरार की बात है जो ईरान के खिलाफ जंग के बाद से लगातार चौड़ी होती जा रही है।

यूरोप के देशों ने अमेरिका और इजराइल के इस एकतरफा अभियान में शामिल होने से साफ मना कर दिया था। इटली ने तो अपना सिगोनेला एयरबेस तक देने से इनकार कर दिया। और अब ट्रंप इसी बात का हिसाब मांग रहे हैं।

हार्मुज बंद होने का क्या असर पड़ रहा है?

हार्मुज स्ट्रेट से सामान्य हालात में दुनिया का सबसे ज्यादा तेल गुजरता है। अभी यह रास्ता लगभग बंद है। इससे यूरोप और एशिया के कई देशों में जेट फ्यूल की किल्लत हो गई है। कच्चे तेल और रिफाइंड तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। कई सरकारें वैकल्पिक आपूर्ति के लिए भाग-दौड़ कर रही हैं। ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देश इस संकट में सबसे ज्यादा दबाव में हैं और ट्रंप इसी कमजोरी पर उंगली रख रहे हैं।

रिश्तों में आई बड़ी दरार

उधर, पश्चिमी देशों का जो गठबंधन दशकों से एक साथ खड़ा रहा वो अब हिल रहा है। एक तरफ अमेरिका अकेले जंग लड़ रहा है और अपने साथियों से नाराज है। दूसरी तरफ यूरोप के देश इस जंग को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ मानते हैं और इसमें शामिल होने को तैयार नहीं हैं।

ट्रंप ने कह दिया है कि अमेरिका अब पुराने तरीके से साथ नहीं देगा। यूरोप के लिए यह चेतावनी है और दुनिया के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है।