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Iran-US Conflict: ‘ईरान से ज्यादा खुद अमेरिका को उठाना पड़ेगा नुकसान’, अमेरिकी नाकाबंदी पर IRGC की चेतावनी

Iran-US Blockade: ईरान पर अमेरिकी आर्थिक और समुद्री नाकाबंदी को लेकर तेहरान की ओर से अमेरिका को चेतावनी दी गई है। IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहीबी ने दावा किया कि ईरान को 1 डॉलर का आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश में अमेरिका को खुद बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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Sep 06, 2026
US Blockade against Iran
ईरान के खिलाफ अमेरिका की समुदी नाकेबंदी (File Photo)

Iran-US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक और समुद्री नाकाबंदी को लेकर वॉशिंगटन को चेतावनी दी है। IRGC का दावा है कि ईरान पर आर्थिक दबाव डालने की कोशिशों से अमेरिका को ही ज्यादा नुकसान हो सकता है। इस बीच, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेरी घालीबाफ ने कहा कि अब बराबर का जवाब देने का दौर खत्म हो गया है और अमेरिकी ठिकानों पर हालिया हमले तो बस शुरुआत थे।

हमारा $1 डूबा, तो अमेरिका के कई डॉलर डूबेंगे : IRGC प्रवक्ता

मेहर न्यूज एजेंसी से बात करते हुए IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेब्बी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की यह सोच पूरी तरह गलत है कि वे सैन्य ताकत के दम पर ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकते हैं। मोहेब्बी ने कहा कि अगर अमेरिका ईरान को $1 का आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसे खुद कई डॉलर का नुकसान उठाना पड़ेगा।

मोहेब्बी ने आगे कहा कि भारी कर्ज के बोझ तले दबे और चीन जैसी वैश्विक ताकतों से आर्थिक प्रतिस्पर्धा झेल रहे अमेरिका के लिए प्रतिबंधों और हमलों के जरिए ईरान पर जीत हासिल करना कभी संभव नहीं होगा। हाल की घटनाओं ने इसे साफ तौर पर साबित कर दिया है।

खेल के नियम बदल चुके हैं, अब होगा कहीं ज्यादा दर्दनाक हमला : घालीबाफ

वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर डॉ. मोहम्मद बाकर घालीबाफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले तो बस शुरुआत भर थे। उन्होंने कहा कि अमेरिकियों को अब यह समझ लेना चाहिए कि जैसे को तैसा जवाब देने का दौर बीत चुका है। खेल के नियम पूरी तरह बदल गए हैं। ईरान के हितों या राष्ट्रीय सुरक्षा पर किसी भी हमले का जवाब अब जबरदस्त और कहीं ज्यादा दर्दनाक तरीके से दिया जाएगा।

डॉ. मोहम्मद बाकर घालीबाफ ने कहा कि जो लोग युद्ध शुरू करते हैं, वे जवाबी कार्रवाई की शर्तें तय करने का अधिकार खो देते हैं। वाशिंगटन को बहुत देर होने से पहले इस नई सच्चाई को स्वीकार कर लेना चाहिए।

जंग के बीच देश की अर्थव्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

सैन्य नेतृत्व की आक्रामक बयानबाजी के बीच, ईरान के कारोबारी समुदाय ने देश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था पर गहरी चिंता जताई है। ईरान-चीन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रमुख माजिदरेजा हरीरी ने सोशल मीडिया पर माना कि टकराव शुरू होने से पहले ही अर्थव्यवस्था देश का सबसे कमजोर पहलू थी।

हरीरी ने लिखा कि इस्लामिक गणराज्य के 47 वर्षों में अर्थव्यवस्था ही सबसे बड़ी विफलता रही है, जिससे न तो जनता संतुष्ट थी, न सरकार और न ही शीर्ष नेतृत्व। अब पहले से संकटग्रस्त इस अर्थव्यवस्था पर जंग, सैन्य हमलों और आर्थिक नाकाबंदी की चौतरफा मार पड़ रही है।

Updated on:
06 Sept 2026 03:43 pm
Published on:
06 Sept 2026 03:40 pm