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Iran-US Tensions: माफिया गैंग की तरह व्यवहार करता है- ईरान ने अमेरिका को ठहराया दोषी

Iran-US Conflict : ईरान ने मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका माफिया गैंग की तरह व्यवहार कर रहा है।
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Jul 27, 2026
Middle East Crisis
अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा। तेहरान ने वाशिंगटन पर साधा निशाना (सोर्स: ANI)

Iran-US War Update: ईरान ने मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए उस पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका का व्यवहार एक ऐसे माफिया गैंग की तरह है, जो किसी भी नियम या अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन नहीं करता। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात के लिए पूरी तरह वाशिंगटन जिम्मेदार है और ईरान की प्राथमिकता केवल अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है।

अमेरिका पर लगाए सैन्य आक्रामकता के आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बघाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने पिछले वर्ष जून में फिर 29 मार्च को और उसके बाद 14 सूत्रीय समझौता (MoU) होने के कुछ ही दिनों बाद ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। उनका कहना था कि समझौते के बावजूद अमेरिका ने अपने कदम पीछे नहीं हटाए और लगातार सैन्य हमले जारी रखे। बघाई ने कहा कि मौजूदा स्थिति में किसी भी तरह का युद्ध विराम लागू नहीं है।

ट्रंप ने रोके नए हमले: रिपोर्ट

इस बीच अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान पर प्रस्तावित नए हवाई हमलों को मंजूरी नहीं दी। रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के प्रतिनिधिमंडल के तेहरान पहुंचने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत शुरू होने के बाद ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया। बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और संभावित समझौते पर विचार किया जा रहा है।

यूक्रेन को भी दी चेतावनी

ईरान ने कैस्पियन सागर में एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर कथित हमले को लेकर यूक्रेन पर भी निशाना साधा। बघाई ने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है और उसे अपने कदमों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान इस घटना को नजरअंदाज नहीं करेगा।

डील (MoU) टूटने के बाद फिर बढ़ा तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच पिछले महीने 14 सूत्रीय समझौता हुआ था, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव कम करना और परमाणु कार्यक्रम तथा होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे मुद्दों पर बातचीत का रास्ता खोलना था। हालांकि समझौता टूटने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया। अमेरिका ने ईरानी सैन्य और अन्य ठिकानों पर कार्रवाई की, जबकि ईरान ने जवाबी हमलों में खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अब दोनों देशों के बीच जारी बयानबाजी ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है।