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अंतिम समय तक लड़ने के लिए तैयार हैं- ईरान ने अमेरिका को दी खुली धमकी

Iran-US Conflict: ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि जंग अभी खत्म नहीं हुआ है। अगर वह लंबे समय तक युद्ध करना चाहता है तो हम तैयार हैं।
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Sep 21, 2026
US-IRAN WAR
फोटो में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (सोर्स: ANI और Report.az)

Iran-US War Latest Update: मिडिल-ईस्ट से एक बार फिर बड़ी अपडेट सामने आई है। ईरान ने अमेरिका को साफ शब्दों में चेतावनी दी है। ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) का कहना है कि जंग अभी खत्म नहीं हुई है। उसका कहना है कि अगर संघर्ष फिर बढ़ता है, तो ईरान लंबे समय तक लड़ने के लिए तैयार है।

IRGC के सेकंड ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेबी ने अल-आलम न्यूज नेटवर्क से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना लंबे संघर्ष के लिए पहले से तैयार है। अब उसकी तैयारी और मजबूत है।

जंग खत्म नहीं हुई, हम तैयार हैं: ईरानी सेना

हुसैन मोहेबी ने साफ शब्दों में कहा कि युद्ध के अलग-अलग चरण हो सकते हैं। ऐसे में हमारी सेना (IRGC) ने लंबे समय तक चलने वाली जंग के लिए खुद को तैयार रखा है। अगर किसी नए चरण में ईरान पर फिर हमला होता है, तो वह जवाब देने के लिए तैयार रहेगा। उनका कहना है कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।

IRGC ने अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों के युद्ध के लक्ष्यों पर भी सवाल उठाए हैं। मोहेबी ने दावा किया कि अमेरिका अपने बताए गए लक्ष्यों को हासिल नहीं कर सका।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका पर निशाना

मोहेबी ने अपने बयान में होर्मुज स्ट्रेट का खास तौर पर जिक्र किया। बता दें यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए बेहद अहम माना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस उत्पादों की आवाजाही होती है। भारत समेत एशिया के कई देश इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।

मोहेबी का दावा है कि अमेरिका अपनी सैन्य ताकत के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने में सफल नहीं रहा। उन्होंने इसे अमेरिकी रणनीति की नाकामी बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से समुद्री रास्तों में नेविगेशन की आजादी और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा की बात करता रहा है। लेकिन ईरान के साथ युद्ध में स्थिति अलग नजर आई।

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता रहा तनाव

बता दें 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के बाद संघर्ष तेज हुआ। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। लेकिन बाद में फिर सीजफायर की स्थिति बनी। इसके बावजूद तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। होर्मुज स्ट्रेट भी विवाद का बड़ा केंद्र बना रहा। जुलाई में अमेरिकी एयरस्ट्राइक और नेवल ब्लॉकेड का भी जिक्र किया गया है। ईरानी अधिकारियों ने इसे पहले हुए समझौते का उल्लंघन बताया था।

इसके बाद ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को सभी ट्रैफिक के लिए बंद करने का ऐलान किया। ऐसे में IRGC का ताजा बयान बताता है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव अभी भी गंभीर है। आने वाले समय में संघर्ष किस दिशा में जाता है, यह पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।