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ईरान ने अमेरिका के पास भेजा नया प्रस्ताव, फिलहाल परमाणु मुद्दे पर बात नहीं, होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका के सामने रखी शर्त

Iran US War: ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा है, जिसमें पहले तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की बात कही गई है। परमाणु मुद्दों पर चर्चा बाद में करने का सुझाव है। अब अमेरिका के जवाब और आगे की कूटनीतिक दिशा पर सबकी नजर है।

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Apr 27, 2026
Iran US Talk

Iran US Peace Talk: पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की कोशिशों के बीच एक नई कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। खबर है कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव सीधे नहीं, बल्कि पाकिस्तान के जरिए पहुंचाया गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान फिलहाल सबसे पहले हालात को सामान्य करने और टकराव खत्म करने पर जोर दे रहा है। इस प्रस्ताव की खास बात यह है कि ईरान ने शुरुआत में परमाणु मुद्दे को किनारे रखते हुए तनाव कम करने की बात कही है। यानी पहले माहौल शांत किया जाए, उसके बाद ही संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा शुरू हो।

होर्मुज स्ट्रेट पर फोकस


ईरान के इस प्लान का सबसे अहम हिस्सा है होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना। यह दुनिया के लिए बेहद जरूरी समुद्री रास्ता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है। ईरान चाहता है कि यहां से अमेरिका के लगे रोक हटे और जहाजों की आवाजाही सामान्य हो जाए। उसके बाद ही आगे की बातचीत हो। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बातचीत के दौरान साफ कहा कि उनके देश के भीतर अभी अमेरिका के डिमांड पर पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है। अलग-अलग राय होने की वजह से फैसले लेने में देरी हो रही है। यही वजह है कि बातचीत की रफ्तार भी धीमी बनी हुई है।

अमेरिका का रुख अभी साफ नहीं


वहीं, अमेरिका की तरफ से इस प्रस्ताव पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। व्हाइट हाउस तक यह प्रस्ताव पहुंच चुका है, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि इसे स्वीकार किया जाएगा या नहीं। अमेरिका लंबे समय से ईरान से यूरेनियम संवर्धन रोकने और अपने परमाणु भंडार को देश से बाहर करने की मांग करता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मुद्दे पर अपनी सुरक्षा टीम के साथ उच्चस्तरीय बैठक करने वाले हैं। उनका रुख सख्त माना जाता है, लेकिन उन्होंने बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद भी नहीं किया है।

आगे क्या हो सकता है?

इस प्रस्ताव में यह भी संकेत दिया गया है कि दोनों देश लंबी अवधि के लिए युद्धविराम या स्थायी शांति समझौते पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए पहले हालात सामान्य होना जरूरी है। ईरान इस योजना को लेकर सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि मिस्र, तुर्की और कतर जैसे देशों से भी संपर्क में है। साफ है कि पर्दे के पीछे कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं।

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