खामेनेई ने कहा, “अमेरिका का मकसद ईरान को निगलना है, उसे फिर से सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक गुलामी में धकेलना है।”
Iran-US Tension: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी धमकी दी है। साथ ही देश में हिंसा को लेकर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। शनिवार को खामेनेई ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि ‘देशद्रोहियों की कमर तोड़ना जरूरी है।’
अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर देश में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “देशद्रोहियों की कमर तोड़नी होगी, जैसे पहले भी साजिशों को कुचला है। हम देश को युद्ध की ओर नहीं ले जाना चाहते, लेकिन घरेलू अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि ‘अंतरराष्ट्रीय अपराधी’ इससे भी ज्यादा खतरनाक हैं और उन्हें भी सजा से नहीं बचाया जाएगा। खामेनेई ने आरोप लगाया कि ईरान में हुई हिंसा ‘अमेरिकी साजिश’ का नतीजा है।
खामेनेई ने कहा, “अमेरिका का मकसद ईरान को निगलना है, उसे फिर से सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक गुलामी में धकेलना है।”
ईरान के सुप्रीम लीडर ने डोनाल्ड ट्रंप को मौतों और नुकसान के लिए दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने इजरायल के साथ ईरान के खिलाफ हुई 12 दिनों की जंग का समर्थन किया था और प्रदर्शनकारियों की हत्या पर सैन्य कार्रवाई की धमकी भी दी थी।
बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन हाल के वर्षों में सबसे बड़े जनआंदोलन में बदल गए थे। हालांकि, अब सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई के बाद प्रदर्शन थमते नजर आ रहे हैं।
मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के दौरान हजारों लोगों की जान गई। इस दौरान देश में एक हफ्ते से ज्यादा समय तक इंटरनेट बंद रहा, जिससे वास्तविक हालात की जानकारी बाहर नहीं आ सकी।