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Iran US tensions: अमेरिका के साथ बातचीत को तैयार ईरान, चीफ जस्टिस ने दिया बड़ा बयान

Iran US tensions: ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर ईरानी मुख्य न्यायाधीश ने बयान देते हुए कहा है कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया है कि यह बातचीत तर्क और सम्मान पर आधारित होगी।

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May 01, 2026
Chief Justice of Iran
ईरान के मुख्य न्यायाधीश (फोटो- iranintl एक्स पोस्ट)

Iran US tensions: मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका असर वैश्विक बाजार पर देखने को मिल रहा है। दोनों ही देश एक दूसरे की शर्तें मानने को तैयार नहीं है जिसके चलते स्थिति में सुधार नहीं आ रहा है। इसी बीच अब ईरान के मुख्य न्यायाधीश गुलाम हुसैन मोहसेनी एजई का इस मामले में बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान बातचीत के लिए हमेशा तैयार रहा है, लेकिन यह प्रक्रिया तर्क और विवेक पर आधारित होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य और कानूनी विवाद गहराता जा रहा है।

देश की गरिमा पर आंच आई तो पूरी मजबूती से जवाब देंगे

ईरान के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम युद्ध का स्वागत नहीं करते, लेकिन हम उससे डरते भी नहीं हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर देश की गरिमा पर आंच आती है तो ईरान पूरी मजबूती से जवाब देगा। इस बयान में साफ संकेत है कि तेहरान अपनी संप्रभुता और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने आगे कहा कि हम हमेशा बातचीत का स्वागत करते हैं, लेकिन यह तर्क और विवेक पर आधारित होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी तरह के बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।

अमेरिका के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा ईरान

ईरान केवल कूटनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि कानूनी मोर्चे पर भी सक्रिय हो रहा है। मुख्य न्यायाधीश ने घोषणा की कि न्यायपालिका अमेरिका की कार्रवाइयों के खिलाफ औपचारिक कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि हम युद्ध अपराधियों का पीछा करेंगे, उन्हें सजा दिलाएंगे और उनसे मुआवजा भी वसूलेंगे। यह बयान दिखाता है कि तेहरान अंतरराष्ट्रीय कानून के जरिए भी अपने पक्ष को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। इससे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विवाद और तेज हो सकता है।

ट्रंप ने कहा अमेरिका ईरान के साथ युद्ध में नहीं है

दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का कहना है कि देश ईरान के साथ युद्ध में नहीं है। हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने भी कहा कि फिलहाल कोई सक्रिय सैन्य कार्रवाई नहीं हो रही है और शांति की कोशिशें जारी हैं। हालांकि 1973 के वार पावर्स रेजोल्यूशन के तहत 60 दिन की समयसीमा 1 मई को खत्म हो रही है, जिससे संवैधानिक विवाद की स्थिति बन सकती है। डेमोक्रेटिक नेता टिम केन ने इस व्याख्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून इस तरह के विराम की अनुमति नहीं देता। इस बीच सीजफायर को लेकर भी अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं, जिससे स्थिति और जटिल बन गई है।

Published on:
01 May 2026 03:34 pm