Iran US War Latest Update: पश्चिम एशिया में इस समय तनाव का माहौल बना हुआ है, ट्रंप की होर्मुज डेडलाइन पूरी हो चुकी है, सऊदी-बहरीन ब्रिज को बंद कर दिया गया है… पढ़ें पूरी खबर।
Iran US War Update: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिया गया अल्टीमेटम खत्म होने के करीब है, और इसी बीच क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया है। सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाला अहम ब्रिज बंद कर दिया गया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट और भी टाइट हो गया है।
सऊदी अरब और बहरीन के बीच किंग फहद कॉजवे (ब्रिज) को बंद किए जाने की खबर ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। इसे सुरक्षा कारणों से उठाया गया एहतियाती कदम माना जा रहा है, क्योंकि युद्ध का असर अब खाड़ी देशों तक पहुंचने लगा है।
ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए समयसीमा दी थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स और अन्य अहम बुनियादी ढांचे पर हमले कर सकता है। अब यह डेडलाइन पूरी होने के करीब है, जिससे किसी बड़े सैन्य कदम की आशंका बढ़ गई है।
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह बिना शर्त होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोलेगा। तेहरान का कहना है कि जब तक उसे युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई नहीं मिलती, तब तक कोई समझौता संभव नहीं है।
इस बीच, ईरान में गिरे अमेरिकी फाइटर जेट के पायलट को हाई-रिस्क रेस्क्यू ऑपरेशन में सुरक्षित निकाला गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मिशन में किसी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई, हालांकि ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था। वहीं, एक अन्य अमेरिकी A-10 विमान के क्रैश होने की खबर भी सामने आई, लेकिन उसका पायलट भी सुरक्षित बचा लिया गया।
तनाव के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी कोशिशें तेज हैं। ओमान, पाकिस्तान और मिस्र जैसे देश अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं, ताकि संघर्ष को और बढ़ने से रोका जा सके। ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले लगातार जारी हैं। इससे न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में है, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
क्या आज होगी कयामत की रात?
ट्रंप की डेडलाइन पूरी होने और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाली रात निर्णायक साबित होगी। हालांकि, अब तक किसी बड़े हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। फिलहाल, पश्चिम एशिया में स्थिति विस्फोटक बनी हुई है। पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीति से समाधान निकलेगा या यह टकराव और बड़े युद्ध का रूप ले लेगा।