Airstrike: अमेरिका ने होर्मुज के पास ईरान की मिसाइल साइट्स पर 5000 पाउंड के बंकर बस्टर बम दागे हैं।
Middle East : मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव अपने चरम पर है और एक भीषण युद्ध (War) भड़क चुका है। अमेरिका (US) और इजराइल (Israel) ने मिल कर ईरान (Iran) पर एक बेहद विनाशकारी सैन्य अभियान (Military Operation) शुरू कर दिया है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के करीब स्थित ईरानी मिसाइल ठिकानों (Missile Sites) पर पांच हजार पाउंड के बंकर बस्टर बम (Bunker Buster Bombs) गिराए हैं। इस बड़े हमले का मकसद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग (International Shipping) को सुरक्षित करना है। इन हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) को एक बड़े संकट में धकेल दिया है। इस अप्रत्याशित अमेरिकी और इजराइली हमले के बाद वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं (Global Response) सामने आई हैं। ईरान समर्थित गुट पूरी तरह से बौखला गए हैं। अमेरिकी सांसदों को भी इस युद्ध (Conflict) की वर्तमान स्थिति पर विशेष दूत ने जानकारी दी है और कई देश इसे लेकर चिंतित हैं।
इस भीषण गोलाबारी के बाद ईरान की तरफ से भी भयानक अंजाम भुगतने की चेतावनी (Warning) दी जा रही है। रूसी और ईरानी मीडिया के अनुसार, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Plant) के करीब भी हमले की खबरें हैं। इजराइली सेना (IDF) लगातार तेहरान में बासीज सुरक्षा बलों के ठिकानों पर बमबारी कर रही है। लेबनान से हिजबुल्लाह (Hezbollah) ने भी इजराइल के उत्तरी इलाकों में ताबड़तोड़ रॉकेट दागकर युद्ध (Combat) को और भड़का दिया है।
इस महायुद्ध का एक दूसरा पहलू यह है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग (Trade Route) खतरे में हैं। यूएई (UAE) भी अब होर्मुज जलडमरूमध्य में मालवाहक जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले समुद्री गठबंधन (Maritime Coalition) में शामिल होने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार (Oil Trade) के लिए सबसे अहम है।