
Iran-US Tensions: अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर धमकी भरा संदेश दिया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने कहा है कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो ईरान की जवाबी कार्रवाई पहले जैसी नहीं होगी। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इस बार युद्ध का भूगोल बदलेगा, नए हथियार इस्तेमाल किए जाएंगे और नए ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
मोहेब्बी ने कहा कि अमेरिका के खुफिया केंद्र ईरान की पहुंच से बाहर नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान पहले भी फारस की खाड़ी और उत्तरी इराक के आसपास अमेरिकी खुफिया ठिकानों को निशाना बना चुका है। मोहेब्बी ने चेतावनी दी कि अगर फिर कोई हमला होता है तो ईरान अपनी रक्षा और जवाबी कार्रवाई में बड़ा बदलाव करेगा। उनके मुताबिक, इस बार सिर्फ हथियार ही नहीं बदलेंगे, बल्कि युद्ध का भूगोल भी बदलेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के पास ऐसे नए टार्गेट हैं, जिन पर अभी तक हमला नहीं हुआ है।
मोहेब्बी ने कहा कि ईरान युद्ध के मैदान में नई क्षमता वाले हथियार और सैन्य उपकरण उतारेगा। उन्होंने दावा किया कि इन हथियारों को देखकर दुनिया हैरान होगी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ये नए हथियार कौन से हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि IRGC लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार है। उन्होंने अमेरिका पर ईरान के खिलाफ युद्ध में रणनीतिक हार का भी आरोप लगाया।
ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इजरायल के साथ फिर से सैन्य तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि उनके पास ईरान युद्ध को लेकर की विकल्प हैं। इसके बाद ईरान की लगातार जवाबी प्रतिक्रियाएं आई हैं। ईरान का कहना है कि अगर नया हमला हुआ तो उसका जवाब पहले से अलग और घातक होगा।
मोहेब्बी ने दावा किया कि अमेरिका इस युद्ध में हार गया है। उसकी यह हार एक ऐतिहासिक और शर्मनाक हार है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपना पहला युद्ध जून 2025 में शुरू किया था। जो 12 दिनों तक चला। उसके बाद उनका दूसरा हमला 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ। दोनों युद्धों में, ईरान के प्रतिरोध और सफल जवाबी कार्रवाई ने अमेरिकी हमलों को युद्धविराम करने के लिए मजबूर कर दिया था।