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‘मिसाइलों के बिना हमारा हाल भी होता गाज़ा जैसा’, ईरान ने किया साफ…मिसाइल प्रोग्राम नहीं है अमेरिका के साथ डील का हिस्सा

Iran-US Peace Deal: ईरान के मिसाइल प्रोग्राम पर राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने एक बड़ी बात कह दी है। क्या कहा ईरानी राष्ट्रपति ने? आइए जानते हैं।
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Jun 24, 2026
Masoud Pezeshkian
मसूद पेज़ेशकियान (File Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति समझौता (Iran-US Peace Deal) होने के बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) मंगलवार को पाकिस्तान (Pakistan) दौरे पर रहे। इस दौरे के दौरान पेज़ेशकियान ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी (Asif Ali Zardari) से मुलाकात की। उन्होंने शरीफ के साथ मिलकर जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इस दौरान उन्होंने ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को लेकर एक बड़ी बात कह दी।

"मिसाइलों के बिना हमारा हाल भी होता गाज़ा जैसा"

पेज़ेशकियान ने ईरान के मिसाइल प्रोग्राम पर बात करते हुए कहा, "युद्ध के दौरान अगर हमारे पास अपनी मिसाइलें नहीं होतीं, जो हमारे सेल्फ-डिफेंस के लिए हैं, तो इज़रायल और अमेरिका ईरान को वैसे ही तबाह कर देते जैसे गाजा को तबाह किया गया था। मिसाइलों के बिना हमारा हाल भी गाज़ा जैसा ही होता और दुश्मन बुज़ुर्गों या युवाओं, किसी पर कोई रहम नहीं दिखाते। दुश्मन ह्यूमन राइट्स की बात करते हैं। यह बहुत बड़ा झूठ है। अगर हम अपनी रक्षा नहीं कर सकते, तो वो निश्चित रूप से हमारे देश पर रहम नहीं दिखाते और हमारी ताकत खत्म कर देते। इसलिए हम कभी भी किसी भी हालत में अपनी डिफेंसिव क्षमता पर किसी से भी बातचीत नहीं करेंगे।"

मिसाइल प्रोग्राम नहीं है अमेरिका के साथ डील का हिस्सा

पेज़ेशकियान ने साफ कर दिया है कि उनके देश का मिसाइल प्रोग्राम अमेरिका के साथ डील का हिस्सा नहीं है। ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भविष्य में अमेरिका के साथ होने वाली किसी भी बातचीत में ईरान के मिसाइल प्रोग्राम से किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

ट्रंप का क्या है मानना?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कुछ दिन पहले ही G7 शिखर सम्मेलन के दौरान कहा था कि ईरान के पास कुछ मिसाइलें होने से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। ट्रंप ने जोर देकर कहा था कि अगर सऊदी अरब, कतर और मिडिल ईस्ट में अन्य देशों के पास मिसाइलें हैं तो ईरान को मिसाइलें न रखने देना गलत होगा। ट्रंप का मुख्य फोकस ईरान को परमाणु हथियार न बनाने पर है। उन्हें नहीं लगता कि ईरान के पास मिसाइलें होने से कोई बड़ा खतरा है, क्योंकि मिसाइलें किसी भी क्षेत्र में सिर्फ सीमित नुकसान पहुंचाती हैं।