24 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

होर्मुज स्ट्रेट में अभी भी फंसे 11,000 से ज़्यादा नाविक, निकालने के प्लान पर काम शुरू

Strait of Hormuz Update: ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता होने के बाद अब होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुल चुका है और जहाजों की आवाजाही भी बढ़ गई है। हालांकि अभी भी इस रणनीतिक जलमार्ग में 11,000 से ज़्यादा नाविक फंसे हुए हैं।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Tanay Mishra

Jun 24, 2026

Stranded ships in Strait of Hormuz

होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए जहाज (File Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति समझौता (Iran-US Peace Deal) होने के बाद अब होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पूरी तरह से खुल गया है। अमेरिकी नेवी ने अपनी नाकेबंदी भी हटा दी है, जिसके बाद जहाजों की आवाजाही भी बढ़ गई है। हालांकि युद्ध से पहले की स्थिति पहुंचने में अभी समय लगेगा। युद्ध की वजह से अभी भी होर्मुज स्ट्रेट में 11,000 से ज़्यादा नाविक फंसे हुए हैं।

निकालने के प्लान पर काम शुरू

संयुक्त राष्ट्र (United Nations - UN) के अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (International Maritime Organization - IMO) ने होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 11,000 से ज़्यादा नाविकों को निकालने के रेस्क्यू ऑपरेशन प्लान पर काम शुरू कर दिया है। IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज (Arsenio Dominguez) ने बताया कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन ईरान, ओमान, क्षेत्रीय तटीय देशों, अमेरिका और समुद्री उद्योग के सहयोग से चलाया जाएगा।

किस तरह चलाया जाएगा रेस्क्यू ऑपरेशन?

होर्मुज स्ट्रेट से नाविकों को निकालने की सुरक्षा गारंटी मिलने के बाद नेविगेशन की स्थिति की पूरी जांच की गई है। फंसे हुए जहाजों को चरणबद्ध तरीके से होर्मुज स्ट्रेट से निकाला जाएगा। जानकारी के अनुसार इन जहाजों को अस्थायी रूप से ओमान के रास्तों से निकाला जाएगा जिससे नाविकों का सुरक्षित रेस्क्यू संभव हो सके। IMO का लक्ष्य है कि सभी नाविक सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट से निकाले जा सके और उन्हें उनके घर पहुंचाया जा सके।

बेहद अहम है होर्मुज स्ट्रेट

होर्मुज स्ट्रेट बेहद ही अहम रानीतिक जलमार्ग है। इसका सिर्फ आर्थिक महत्व ही नहीं, बल्कि सामरिक महत्व भी है। दुनिया का करीबी 25-30% कच्चा तेल इसी जलमार्ग से गुज़रता है। मिडिल ईस्ट में कच्चे तेल के उत्पादक और निर्यातक देश जैसे सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत, यूएई और कतर जैसे देशों का कच्चा तेल इसी जलमार्ग से निर्यात होता है। ईरान के खिलाफ युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया, जिससे दुनियाभर में तेल और गैस का संकट छा गया। हालांकि अब इस जलमार्ग के खुलने से स्थिति सुधर सकती है।

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल है। भौगोलिक रूप से ईरान इस क्षेत्र पर रणनीतिक कंट्रोल रखता है। हालांकि अमेरिका इसके खिलाफ है और युद्ध के दौरान कई बार होर्मुज स्ट्रेट में दोनों देशों के बीच झड़पें भी हुईं और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए।