
Iran War Latest Update: अमेरिका की सख्त पाबंदियों और युद्ध जैसी स्थिति के बीच भी ईरान की एक बड़ी पेट्रोकेमिकल कंपनी ने पिछले दो साल में करीब 10 अरब डॉलर की कमाई कर ली है।
यह रकम तेल निर्यात से आई है। फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार यह कंपनी अमेरिकी पाबंदियों के बावजूद तेजी से अपना कारोबार चला रही है। अमेरिका और वहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के लिए यह बड़ा झटका है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पाबंदियों के बावजूद इस कंपनी ने ट्रंप को कैसे चकमा दिया?
पर्शियन गल्फ पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्रीज ग्रुप (पीजीपीआईजी) नाम की इस कंपनी ने सरकारी रिपोर्ट में बताया है कि अब उसके मुनाफे और विकास का नया दौर शुरू हो गया है। कंपनी ने बताया कि पिछले साल उसका शुद्ध मुनाफा 187.5 ट्रिलियन तोमान यानी लगभग 70 करोड़ डॉलर पहुंच गया।
यह पिछले साल के मुकाबले 67.4 फीसदी ज्यादा है। उत्पादन भी दो लाख टन बढ़ गया। कंपनी का कहना है कि जब देश पर युद्ध और समुद्री नाकाबंदी जैसी मुश्किलें थीं, तब भी उसके व्यापार और निर्यात का काम दिन-रात चलता रहा।
पिछले दो साल में सहायक कंपनियों से करीब 10 अरब डॉलर की निर्यात कमाई देश के बैंक सिस्टम के जरिए वापस लाई गई। यह कंपनी सिर्फ एक व्यावसायिक संस्था नहीं है। 2019 में अमेरिका ने इस पर पाबंदी लगाई थी।
वजह बताई गई कि यह कंपनी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के आर्थिक हिस्से को पैसा उपलब्ध कराती है। आईआरजीसी वही फौजी इकाई है जो बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम संभालती है।
ईरानी मीडिया में इस सफलता को बड़े गर्व के साथ पेश किया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि पाबंदियों के बावजूद उसने निर्यात का रास्ता खुला रखा। इस रिपोर्ट से साफ है कि पाबंदियां पूरी तरह असर नहीं डाल पा रही हैं।
कंपनी लगातार उत्पादन बढ़ा रही है और मुनाफा कमा रही है। ईरान की अर्थव्यवस्था (Iran Economy) में पेट्रोकेमिकल सेक्टर की भूमिका बहुत बड़ी है। ऐसे में यह खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन सकती है।