5 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Iran US Tensions: यमन में फिर गरजी बंदूकें, हूतियों पर यमन के प्रहार से दहला मध्य-पूर्व, अमेरिका को ईरान का दो-टूक पैगाम!

Middle East Tensions: यमन में सरकार ने हूतियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। उधर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिका के सामने सात शर्तें रखकर संकेत दिया है कि संकट अभी आसानी से थमने वाला नहीं है।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Manoj Vashisth

•

Oct 05, 2026

Iran US Tensions

Iran US Tensions : यमन में सैन्य कार्रवाई तेज, होर्मुज पर ईरान की 7 शर्तों से नई चुनौती (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Houthi Conflict: मध्य-पूर्व में तनाव अब एक मोर्चे तक सीमित नहीं रह गया है। यमन में हूती ठिकानों के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू होने के साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक खींचतान भी तेज हो गई है। सबसे अहम बात यह है कि तेहरान बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात कर रहा है, लेकिन सैन्य कार्रवाई की स्थिति में जवाब देने की तैयारी भी जता रहा है। ऐसे में लाल सागर से लेकर होर्मुज तक समुद्री सुरक्षा पर सवाल बढ़ गए हैं।

Iran US Tensions: यमन में बढ़ता संघर्ष और सैन्य अभियान

मध्य-पूर्व में संघर्ष का दायरा लगातार फैलता दिखाई दे रहा है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान का ऐलान किया है। राष्ट्रपति और प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख राशद अल-अलीमी ने कहा कि सरकारी बल देश के शेष हिस्सों में राज्य का नियंत्रण बहाल करने के लिए सैन्य अभियान के चरण में प्रवेश कर चुके हैं।

यह कार्रवाई ऐसे समय शुरू हुई है जब हूती प्रभाव वाले इलाकों और रणनीतिक समुद्री मार्गों को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। ताइज के आसपास हालात खास तौर पर संवेदनशील बताए जा रहे हैं। लाल सागर और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी पर भी पड़ रहा है।

Iran US Tensions: ईरान की दोहरी रणनीति: बातचीत भी, जवाब की तैयारी भी

इसी बीच ईरान ने अमेरिका के साथ विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीति को प्राथमिकता देने की बात कही है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, तेहरान सैन्य समाधान नहीं चाहता, लेकिन यदि अमेरिका फिर सैन्य रास्ता अपनाता है तो ईरान जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर घालीबाफ ने भी कहा है कि वाशिंगटन की ओर से मध्यस्थों के जरिए जवाब मिला है, लेकिन अब एकतरफा शर्तें थोपने और बातचीत को लंबा खींचने का दौर खत्म होना चाहिए।

होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री सुरक्षा पर संकट

सबसे बड़ा दबाव होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है। घालीबाफ ने कहा है कि जून में हुए अंतरिम समझौते से जुड़ी सात शर्तें पूरी होने तक जलमार्ग नहीं खोला जाएगा। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ऐसा प्रस्ताव भी रखा था कि शर्तें पूरी होने पर सात दिनों के भीतर सामान्य समुद्री आवाजाही बहाल की जा सकती है।

समुद्री सुरक्षा को लेकर घटनाएं भी चिंता बढ़ा रही हैं। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने होर्मुज में एक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमले की घटनाओं की जानकारी दी है। यमन के आसपास भी टैंकरों के पास विस्फोट की खबरें सामने आई हैं।

इस बीच गाजा में भी हिंसा जारी है और दक्षिणी सीरिया में इजरायली कार्रवाई को लेकर जॉर्डन, कुवैत और कतर ने आपत्ति जताई है। क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान से इराक के नजफ के लिए उड़ान सेवा भी नौ दिन के अंतराल के बाद बहाल हुई है। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि यमन की लड़ाई अब सिर्फ घरेलू संघर्ष नहीं, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार से जुड़ा संकट बन चुकी है।