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Iran-US Talks Fail: ‘अमेरिका अपनी शर्तें बदल रहा है’, बातचीत फेल होने की ईरान विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताई वजह

Iran-US Talks: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने ऐन वक्त पर अपने गोल पोस्ट शिफ्ट कर लिए। इसके कारण बातचीत बेनतीजा रही।
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Apr 13, 2026
Iran foreign minister Syed Abbas Araghchi
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (फोटो- एएनआई)

Iran-US War:इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर नई अपडेट सामने आई है। ईरान की तरफ से कहा गया कि संभावित समझौते को जानबूझ कर अमेरिकी डेलिगेट्स ने अंतिम समय में पटरी पर से उतार दिया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि कहा कि बातचीत के दौरान अमेरिका ने ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाने, बार-बार शर्तें बदलने और नाकाबंदी जैसी रणनीतियों का सहारा लिया, जिससे सहमति बनने की प्रक्रिया बाधित हो गई।

MOU लगभग तैयार था

अराघची ने कहा कि इस्लामाबाद समझौते का MOU यानि मेमो ऑफ अंडरस्टेंडिंग लगभग तैयार था। दोनों पक्ष अंतिम सहमति के बेहद करीब थे, लेकिन अमेरिकी रवैये के चलते यह समझौता नहीं हो सका। अराघची ने कहा कि 21 घंटे तक चली गहन और मुश्किल बातचीत आखिरकार बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। तेहरान ने यह भी संकेत दिया कि अगर बातचीत के दौरान शर्तों में लगातार बदलाव न किए जाते, तो यह डील संभव हो सकती थी।

47 सालों में सबसे ऊंचे स्तर की सीधी बातचीत

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान ने 47 सालों में वॉशिंगटन के साथ अपनी सबसे ऊंचे स्तर की सीधी बातचीत ईमानदारी और चल रहे झगड़े को खत्म करने में मदद करने के इरादे से की है। अराघची ने दुख जताया कि कोई सबक नहीं मिला।

अराघची ने एक्स पर लिखा कि 47 सालों में सबसे ऊंचे स्तर पर हुई गहरी बातचीत में, ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ अच्छी नीयत से बातचीत की। लेकिन जब 'इस्लामाबाद एमओयू' से बस कुछ इंच दूर थे, तो हमें गोलपोस्ट बदलने और ब्लॉकेड का सामना करना पड़ा। कोई सबक नहीं मिला। अच्छी नीयत से अच्छी नीयत पैदा होती है। दुश्मनी से दुश्मनी पैदा होती है।

डिप्लोमैटिक ब्रेकथ्रू की संभावना अभी भी है: मसूद पेजेशकियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अमेरिका के साथ डिप्लोमैटिक ब्रेकथ्रू की संभावना अभी भी है, बशर्ते वॉशिंगटन अपना नजरिया बदले। उन्होंने अमेरिका से सर्वाधिकारवाद को छोड़ने और ईरान के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की। ऐसा बदलाव एक समझौते का रास्ता बना सकता है। बता दें, सर्वाधिकारवाद एक ऐसी राजनीतिक प्रणाली है, जिसमें राज्य सार्वजनिक और निजी जीवन के हर पहलू पर पूर्ण नियंत्रण रखता है।

राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने एक्स पर एक पोस्ट में बातचीत करने वाले डेलिगेशन के सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि अगर अमेरिकी सरकार अपना सर्वाधिकारवाद छोड़ दे और ईरानी देश के अधिकारों का सम्मान करे, तो समझौते तक पहुंचने के रास्ते जरूर मिल जाएंगे। इस बीच, अमेरिका ने घोषणा की है कि वह 13 अप्रैल से ईरानी पोर्ट्स में आने-जाने वाले जहाजों पर पूरी तरह से समुद्री नाकाबंदी लागू करना शुरू कर देगा।

Updated on:
13 Apr 2026 01:30 pm
Published on:
13 Apr 2026 01:30 pm