इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ईरान में 120 से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। क्या है इसकी वजह? आइए जानते हैं।
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States Of America) के बीच 8 अप्रैल को लागू हुआ दो हफ्ते का सीज़फायर 21 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। फिलहाल इस सीज़फायर को आगे बढ़ाने पर विचार नहीं किया जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच सोमवार को दूसरे दौर की शांति वार्ता होगी और इसमें स्थायी समझौता होने की उम्मीद जताई जा रही है। पहले दौर की शांति-वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकला था और ऐसे में दूसरे दौर की शांति-वार्ता पर ही युद्धविराम की उम्मीद टिकी हुई है। इसी बीच आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने देश में बड़ी कार्रवाई की है।
आईआरजीसी ने देशभर में 120 से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट के अनुसार आईआरजीसी ने अलग-अलग प्रांतों से करीब 127 लोगों को गिरफ्तार किया।
बताया जा रहा है कि जिन लोगों को आईआरजीसी ने गिरफ्तार किया है, उनका संबंध अमेरिका, इज़रायल और ब्रिटेन से था। ये लोग दुश्मन के साथ मिले हुए थे और ईरान के खिलाफ साजिश कर रहे थे। ईरान में दुश्मन के हमले के लिए ये लोग जमीनी स्तर पर मदद मुहैया करा रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार ये सभी लोग संवेदनशील स्थानों की जानकारी अपने मुख्यालय को भेज रहे थे। कई लोग जासूसी में संलिप्त थे और कई लोग जमीनी स्तर पर दुश्मन के हमले के लिए ज़रूरी काम कर रहे थे।
ईरान की जांच एजेंसी ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि पिछले साल ईरान और इज़रायल के बीच जून में 12 दिन तक चले युद्ध के बाद से ही ईरान में मोसाद के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज़ कर दी गई, जो अभी भी जारी है। इस कार्रवाई के दौरान अब तक कई जासूसों को गिरफ्तार किया जा चुका है।