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Iran-US War: IRGC ने किया पलटवार, बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर की एयरस्ट्राइक

IRGC Attacks US Base In Bahrain: ईरान पर अमेरिकी सेना के हमले के बाद आईआरजीसी ने भी पलटवार किया है और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ड्रोन अटैक कर दिया है।

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Jun 10, 2026
Ebrahim Zolfaghari
इब्राहिम ज़ोल्फाघारी (File Photo)

अमेरिका (United States of America) ने अपने अपाचे हेलीकॉप्टर के क्रैश होने के पीछे ईरान (Iran) को ज़िम्मेदार ठहराते हुए तड़के सुबह केशम आइलैंड, सिरिक, बंदर अब्बास, कोह-ए-मुबारक और जास्क पर हमले कर दिए। अमेरिकी सेना ने इन हमलों को सेल्फ डिफेंस में की गई कार्रवाई बताते हुए ईरान के एयर डिफेंस, रडार और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने भी बदला लेने की धमकी दी थी और अब आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने बहरीन (Bahrain) में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर एयरस्ट्राइक कर दी है।

अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकाने पर ड्रोन्स से किया हमला

आईआरजीसी के मुख्य प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फाघारी (Ebrahim Zolfaghari) ने जानकारी दी है कि उनकी सेना ने अमेरिकी हमले का जवाब देते हुए बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकाने पर ड्रोन्स से हमला कर दिया है। ज़ोल्फाघारी ने कहा कि झड़पें जारी हैं और चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सेना की आक्रामकता जारी रही, तो और कड़े जवाबी कदम उठाए जाएंगे।

बहरीन में बजे सायरन

बहरीन में ईरानी हमले के बाद सायरन बज गए हैं। लोगों से शांत रहने और नज़दीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है।

दोनों देशों की डील पर क्या पड़ेगा असर?

कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया कि ईरान से उनकी डील अगले 2 हफ्ते में हो जाएगी। ट्रंप ने दावा किया ईरान सबकुछ छोड़ने के लिए तैयार है और इनमें परमाणु हथियार भी शामिल हैं। इतना ही नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान के साथ डील होने पर अमेरिका पूरी जीत की घोषणा करेगा और इस डील के होते ही तेल की कीमतें गिर जाएंगी। हालांकि ताज़ा हमलों के बाद अब एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, लेकिन ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि ईरान में सीज़फायर का मतलब है संयमित तरीके से गोलीबारी/हमले। ऐसे में जब तक दोनों देशों के बीच डील नहीं हो जाती, इस तरह के और हमले होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन दोनों देशों की डील पर इसका असर पड़ने की संभावना कम है।

परमाणु मामले पर क्या है ईरान का पक्ष?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईरान ने कई बार साफ किया है कि वो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा। ईरान का लक्ष्य हमेशा से ही सिर्फ परमाणु ऊर्जा विकसित करना है, जिसका इस्तेमाल देशवासियों के लिए किया जा सके।