
अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। लगातार दूसरे दिन दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। आज तड़के सुबह पहले अमेरिका ने ईरान में कई जगह हमले किए, जिसके बाद ईरान ने भी बहरीन (Bahrain) और कुवैत (Kuwait) पर जवाबी कार्रवाई करते हुए एयरस्ट्राइक्स की। अब आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) के कमांडर मजीद मौसवी (Majid Mousavi), जो आईआरजीसी की एयरफोर्स के चीफ हैं, ने अमेरिका को बड़ी धमकी दी है।
ईरान की मीडिया ने बताया कि अमेरिकी हमले के बाद मौसवी ने धमकी देते हुए कहा, "अमेरिका, पवित्र होर्मुज स्ट्रेट को असुरक्षित बना रहा है। अगर अमेरिका ने गुस्ताखी जारी रखी, तो हम पूरे ईरान से इस इलाके को उसके लिए नर्क बना देंगे। अगर ईश्वर ने चाहा तो, यह इलाके में अमेरिकियों की गुस्ताखी का करारा जवाब दिया जाएगा।"
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने एक बड़ा फैसला लिया है। ईरान के शीर्ष संयुक्त सैन्य कमांड ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने भी इस फैसले की पुष्टि की है। इस रणनीतिक जलमार्ग को सभी प्रकार के जहाजों जिनमें तेल टैंकर और वाणिज्यिक पोत भी शामिल हैं, के लिए पूरी तरह बंद करने की घोषणा कर दी गई है। इतना ही नहीं, ईरान के शीर्ष संयुक्त सैन्य कमांड ने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने की कोशिश करेगा तो उसे निशाना बनाया जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट को दुनिया के तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक जलमार्ग माना जाता है, जहाँ से करीब 25-30% वैश्विक कच्चा तेल गुज़रता है। इसे बंद करने से दुनियाभर पर असर पड़ेगा। ईरान का यह फैसला वैश्विक ऊर्जा बाज़ार को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। तेल की कीमतें पहले ही काफी बढ़ चुकी हैं, जिससे भारत और अमेरिका समेत कई देशों में पेट्रोल-डीज़ल और घरेलू गैस की कीमतों में इजाफा हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन बाधित रहेगी, जिससे ऊर्जा संकट और गंभीर होगा।