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Erbil explosions: इराक के एरबिल में कई धमाके, यूएस कॉन्सुलेट के पास का इलाका भी निशाने पर; ईरानी ड्रोन हमले की आशंका

Smoke rises after explosions in Erbil: इराक के एरबिल शहर में यूएस कॉन्सुलेट के पास समेत कई जगहों पर जोरदार धमाके हुए। ईरानी ड्रोन हमले की आशंका के बीच अमेरिकी लड़ाकू विमान सक्रिय हो गए। जानिए पूरी खबर।
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Multiple explosions reported in Erbil, Iraq.

इराक के एरबिल में कई धमाके। (Photo- X/@Afshin_Ismaeli)

Multiple Explosions Rock Erbil: उत्तरी इराक के एरबिल शहर में मंगलवार तड़के कई जोरदार धमाके हुए। धमाकों की आवाजें शहर के अलग-अलग इलाकों में सुनी गईं। इनमें अमेरिकी वाणिज्य दूतावास यानी यूएस कॉन्सुलेट के पास का इलाका भी शामिल है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इन हमलों के पीछे ईरानी ड्रोन होने की आशंका जताई जा रही है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, एरबिल के उत्तर-पूर्व में स्थित खालिफान और सोरान इलाकों को भी निशाना बनाया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कम से कम चार ड्रोन इन इलाकों में पहुंचे। हमलों के बाद कई जगह आग लग गई। दो ड्रोन अपने लक्ष्य के पास ही गिर गए।

अमेरिकी लड़ाकू विमान हुए सक्रिय

एरबिल में हमलों के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एरबिल के आसमान में 10 से अधिक अमेरिकी लड़ाकू विमान और ड्रोन उड़ान भरते देखे गए। माना जा रहा है कि ये इलाके की निगरानी और सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं।

उधर, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया है कि इराक के अल-अनबार प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया गया। स्थानीय मीडिया ने हदीथा बांध के पास एक अमेरिकी ड्रोन के मलबे की तस्वीरें भी जारी की हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी दौरान सुलेमानियाह के खोर मोर गैस क्षेत्र पर भी हमले की खबर सामने आई है। इससे पूरे उत्तरी और पश्चिमी इराक में तनाव का माहौल बना हुआ है।

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव

इराक पर हमलों के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ बातचीत कर रहा है। यदि यह बातचीत सफल नहीं होती है तो अमेरिका फिर से कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत को ज्यादा समय नहीं दिया जाएगा। उनका कहना है कि या तो जल्द समझौता होगा या फिर दूसरा रास्ता अपनाया जाएगा।

रिपोर्टों के अनुसार, फिलहाल ईरान और ओमान की अगुवाई में बातचीत चल रही है। इसमें कतर, पाकिस्तान, मिस्र, अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर भी शामिल हैं। इस बातचीत का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए समझौते की कोशिश करना है।

फिलहाल इराक में हुए धमाकों और ड्रोन हमलों को लेकर हालात पर नजर रखी जा रही है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।