
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच डील फाइनल होने से पहले तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने कुछ घंटे पहले ही कुवैत (Kuwait) और बहरीन (Bahrain) पर हमले किए हैं, जिसका जवाब देने के लिए अमेरिका ने ईरान के केशम आइलैंड (Qeshm Island) पर एयरस्ट्राइक कर दी। अब आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने कुवैत में स्थित अली अल सलेम एयरबेस (Ali Al Salem Airbase) को निशाना बनाते हुए ड्रोन्स दागे हैं।
अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने इस हमले की जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि सेना के एयर डिफेंस ने कई ड्रोन्स को मार गिराया। आईआरजीसी का लक्ष्य इस हमले के ज़रिए अमेरिकी सेना को नुकसान पहुंचाना था, लेकिन इस हमले में कोई भी अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ और न ही अमेरिकी विमानों और हथियारों को कोई नुकसान पहुंचा है।
कुवैत में स्थित अली अल सलेम एयरबेस अमेरिका के लिए बेहद ही अहम है क्योंकि इस एयरबेस पर करीब 13,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इसके साथ ही कई अमेरिकी विमान और हथियार भी इस एयरबेस पर मौजूद हैं। युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने इस एयरबेस का ईरान के खिलाफ इस्तेमाल किया था और अभी भी ईरान पर हमले के लिए इस एयरबेस का इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से ईरान भी अक्सर ही अली अल सलेम एयरबेस पर हमले करता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुवैत मिडिल ईस्ट में अमेरिका का अहम सहयोगी देश है और इसी वजह से ईरान पर हमले के लिए अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने देता है।
आईआरजीसी ने दावा किया था कि उन्होंने आज बहरीन में अमेरिकी 5वीं फ्लीट के मुख्यालय और क्षेत्र में स्थित एक अमेरिकी हवाई अड्डे पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। लेकिन अब CENTCOM ने इसे झूठ बताते हुए दावे को खारिज कर दिया है। CENTCOM के अनुसार बहरीन में अमेरिकी सेना पर ईरान के सभी हमले विफल रहे। अमेरिकी सेना सतर्क है और ईरान की किसी भी आक्रामकता से बचाव के लिए तैयार है।