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सऊदी अरब, पाक और तुर्किए के मक्का समझौते पर भारत का आया बयान, कहा- इस पर पैनी नजर रखेंगे

Mohammed Bin Salman: सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान ने मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर 'इस्लामिक नाटो' का गठन किया है। इसके तहत किसी भी एक देश पर हमला होने पर तीनों मिलकर मुकाबला करेंगे। भारत ने कहा है कि वह इस समझौते पर नजर रखेगा और इसके असर का अध्ययन करेगा।
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Aug 08, 2026
Shehbaz Sharif, Mohammed Bin Salman, Recep Tayyip Erdogan
मक्का में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए ने किया बड़ा रक्षा समझौता | फाइल फोटो

Islamic NATO: पश्चिम एशिया में छाये युद्ध के संकट के बीच सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान ने शुक्रवार को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसे एक तरह का इस्लामिक नाटो माना जा रहा है। इसका उद्देश्य किसी भी हमले के विरुद्ध सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना है। इस समझौते के लिए सऊदी अरब के प्रधानमंत्री क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाक पीएम शहबाज शरीफ ने मक्का के अल साफा पैलेस में मौजूद रहे।
तीनों इस्लामिक देशों में पाकिस्तान एकमात्र परमाणु क्षमता से संपन्न देश है, जबकि तुर्किए तकनीकी रूप से मजबूत होने के साथ ही नाटो देशों में अमरीका के बाद दूसरी बड़ी सेना है। वहीं सऊदी अरब आर्थिक रूप से समृद्ध है। बीते साल सितंबर में पाकिस्तान और सऊदी अरब में इसी तरह का रक्षा समझौता किया था।

समझौते पर पैनी नजर

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच हुए इस रक्षा समझौते को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत इस नए रक्षा समझौते पर पैनी नजर रखेगा और क्षेत्रीय व राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभावों का बारीकी से अध्ययन कर रहा है।

समझौते के अहम बिंदु

  • तीनों में से किसी भी एक देश पर सशस्त्र हमला सभी पर हमला माना जाएगा।
  • बाहरी आक्रमण के विरुद्ध सामूहिक प्रतिरोध क्षमता को मजबूत करना समझौते का उद्देश्य।
  • तीनों देश रक्षा संबंधित टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और संयुक्त सैन्य अभ्यास और ट्रेनिंग के साथ ही खुफिया जानकारी साझा करेंगे

तीनों देशों के अलग अलग दुश्मन

सऊदी अरब- ईरान और यमन के हूती विद्रोही, इराकी मिलिशिया
तुर्किए- ग्रीस, साइप्रस और इजरायल
पाकिस्तान- भारत और अफगानिस्तान

यमन और सऊदी अरब पर हमले में 58 मरे

एक तरफ सऊदी अरब सैन्य गठबंधन किया है, वहीं दूसरी तरह यमन के हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब और यमन में सऊदी समर्थित सरकार पर बड़े हमले जारी है। बीते दो दिनों में हुए इन हमलों में यमन सरकार के मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसमें 58 सैनिकों की मौत हो गई। वहीं सऊदी अरब के नजरान में हुए हमले में 11 नागरिक घायल हो गए। इसके साथ ही हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी कर रखी है।

Updated on:
08 Aug 2026 07:24 am
Published on:
08 Aug 2026 07:23 am