
अमेरिका ने स्टूडेंट वीजा नियमों में किया बदलाव (File Photo)
Decline in US student visas: हर साल हजारों भारतीय छात्र बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल करियर के अपने 'अमरीकन ड्रीम' को पूरा करने के लिए यूएस का रुख करते हैं। लेकिन, बीते दो वर्षों में डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद इस सपने को पूरा कर पाना बेहद मुश्किल हो गया है। 2025 में भारतीय छात्रों को जारी किए गए अमरीकी स्टूडेंट वीजा (एफ-1) की संख्या में 62% की गिरावट दर्ज की गई है। इसी बीच अमरीकी थिंक टैंक सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज (सीआइएस) ने ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) कार्यक्रम को खत्म करने की सिफारिश की है। भविष्य में यह सिफारिश लागू होने से अमरीका में पढ़ाई के बाद नौकरी करना भारतीय छात्रों के लिए और भी मुश्किल हो सकता है।
इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन (आइआइई)की 2024-25 शैक्षणिक वर्ष की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, अमरीका में उच्च शिक्षा स्तर पर कुल 11,77,766 विदेशी छात्र पढ़ रहे थे। इनमें भारत के 3,63,019 छात्र और चीन के 2,65,919 छात्र यानी दोनों देशों के छात्र मिलाकर अमरीका के कुल विदेशी छात्रों का 53% हैं।
ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग कार्यक्रम के तहत एफ-1 स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई पूरी करने वाले विदेशी छात्र अपनी पढ़ाई से जुड़े क्षेत्र में अमरीका में अस्थायी रूप से काम कर सकते हैं। आइआइई के अनुसार, 2024-25 में अमरीका में 2,94,253 विदेशी छात्र ओपीटी के तहत काम कर रहे थे। इनमें 1,43,740 (करीब 49%) भारतीय छात्र और 61,981 (करीब 21%) चीनी छात्र थे। इससे आगे एच-1बी वर्क वीजा और लंबी अवधि की नौकरी पाने की संभावना बढ़ती है।
सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज (सीआईएस) की रिपोर्ट के अनुसार, मई से अगस्त 2025 की पीक अवधि में भारतीय नागरिकों को केवल 22,149 छात्र वीजा जारी किए गए, जबकि 2024 में इसी अवधि में यह संख्या 58,694 थी। इस तरह गिरावट 62 प्रतिशत रही।चीनी छात्रों के मामले में भी कमी आई, लेकिन अपेक्षाकृत कम। चीन के नागरिकों को 2025 में 40,034 वीजा मिले, जो 2024 के 61,075 से 34 प्रतिशत कम है।इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन (आईआईई) के ओपन डोर्स रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में कुल 11,77,766 विदेशी छात्र थे। इनमें भारतीय छात्रों की संख्या 3,63,019 और चीनी छात्रों की 2,65,919 रही। दोनों देशों के छात्र मिलकर कुल विदेशी छात्रों का 53 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। भारत अभी भी सबसे बड़ा स्रोत देश बना हुआ है।
देश - 2024 - 2025 - बदलाव (घटे)
भारत - 58,694 - 22,149- 62%
चीन - 61,075 - 40,034 - 34%
श्रेणी - संख्या
कुल छात्र- 11,77,766
भारतीय छात्र - 3,63,019
चीनी छात्र - 2,65,919
Updated on:
08 Aug 2026 07:18 am
Published on:
08 Aug 2026 07:18 am
