इस्लामाबाद मस्जिद ब्लास्ट पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पहले भारत और अफगानिस्तान पर निशाना साधा था, लेकिन इस बीच अब धमाके को लेकर IS ने बड़ा खुलासा किया है। उसने हमले की पूरी जिम्मेदारी ली है।
Islamabad Shia Mosque Bombing Attack: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित एक शिया मस्जिद में हुए भीषण आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आइएस) से जुड़े एक स्थानीय आतंकी संगठन- इस्लामिक स्टेट इन पाकिस्तान ने ली है। बयान में कहा गया कि आत्मघाती हमलावर मस्जिद के दरवाजे पर पहुंचा। सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की। हमलावर ने पहले सुरक्षा गार्डों पर गोलियां चलाईं और फिर मस्जिद के अंदरूनी गेट तक पहुंचकर खुद को विस्फोटक जैकेट से उड़ा लिया।
बता दें इस हमले में 50 से अधिक लोगों की मारे जाने और लगभग 200 लोगों की घायल होने की खबर है।
शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उसी मस्जिद में मृतकों के जनाजे की नमाज पढ़ी गई। आइएस ने पाकिस्तानी शिया समुदाय के खिलाफ भी बयान दिया है। इस बीच, पाकिस्तानी पुलिस ने हमले से जुड़े मामले में खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर से दो पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों पुरुष आत्मघाती हमलावर के भाई हैं। शुक्रवार देर रात की गई इस कार्रवाई के बाद तीनों से पूछताछ जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से बरामद पहचान पत्र के आधार पर आत्मघाती हमलावर की पहचान यासिर के रूप में हुई है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, वह पेशावर का रहने वाला था। जांच एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया है कि इस्लामाबाद में हमले से पहले यासिर करीब पांच महीने तक अफगानिस्तान में रहा था, जहां उसे कथित तौर पर हथियार चलाने और आत्मघाती हमलों का प्रशिक्षण दिया गया। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके नेटवर्क, फंडिंग और सीमापार संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मस्जिद ब्लास्ट के लिए सीधे तौर पर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि हमला करने वाला आतंकी अफगानिस्तान से आया था और वहां की सरकार आतंकियों को पनाह दे रही है। आसिफ के मुताबिक, सुरक्षा गार्डों ने हमलावर को रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने गोली चलाकर भागते हुए नमाजियों की आखिरी कतार में खुद को विस्फोट से उड़ा लिया।
मंत्री ने कहा कि अब तालिबान से बातचीत नहीं, सिर्फ कड़ी कार्रवाई होगी। इसके साथ ही उन्होंने बिना सबूत भारत और अफगानिस्तान की मिलीभगत का भी आरोप लगाया था।