
Israel 7 October Attacks Anniversary: 7 अक्टूबर के आतंकी हमलों की तीसरी बरसी पर, भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि, उनके देश ने सफलतापूर्वक राष्ट्रीय सुरक्षा बहाल की है, विस्थापित नागरिकों को उनके घरों में वापस लाया है और अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाया है। साथ ही, गाजा, दक्षिणी लेबनान और सीरिया में रणनीतिक बफर जोन भी बनाए हैं। बरसी से पहले ANI से बात करते हुए, जब इजराइल पीड़ितों को याद कर रहा है, राजदूत अजार ने राष्ट्रीय स्तर पर आत्म-मंथन और पूरे क्षेत्र में हो रहे बड़े भू-राजनीतिक बदलावों, दोनों पर जोर दिया।
अजार ने कहा कि इजराइल के पास गाजा पट्टी, दक्षिणी लेबनान और सीरिया में बफर जोन हैं। उनके मुताबिक गाजा से हमास को हटाने, उसके हथियार छोड़ने और हमास के कब्जे से मुक्त सरकार नियुक्त करने के लिए राजनीतिक कार्यक्रम पर काम हो रहा है। लेबनान के साथ शांति बातचीत के पांच या छह दौर हो चुके हैं। इजराइल बफर जोन में तब तक रहेगा, जब तक लेबनानी सेना हिज्बुल्लाह की मौजूदगी के बिना संप्रभुता बहाल करने में सक्षम नहीं हो जाती।
गाजा समझौते में देरी पर अजार ने कहा कि, हम जिस मुख्य वजह से अटके हुए हैं, वह यह है कि हमास हथियार छोड़ने से इनकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि इजराइल हमास पर कूटनीतिक ही नहीं, सैन्य दबाव भी बनाए रखेगा। उनका आरोप है कि हमास सत्ता में बने रहने के लिए आबादी की तकलीफें जारी रखने को तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमास नहीं बदला, तो सैन्य तरीके से काम पूरा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा, जो इजराइल करना नहीं चाहता।
राजदूत ने कहा कि इजराइली अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में 15% और दूसरी तिमाही में 7% बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इजराइल को संघर्ष दोबारा शुरू करने में दिलचस्पी नहीं है, लेकिन कूटनीति की जीत के लिए ईरान-समर्थित गुटों को सच्चाई स्वीकार करने पर मजबूर करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा को लेकर खाड़ी के कई देशों के साथ इजराइल की समझ काफी बेहतर हुई है।
ANI से बातचीत में अजार ने कहा कि, 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के चरमपंथियों ने इजराइल में 1,200 लोगों की हत्या की और 250 से ज़्यादा लोगों को बंधक बनाया। जवाबी कार्रवाई में गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 65,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। इजराइल पीड़ितों को याद कर रहा है। देश में झंडा झुकाया जा रहा है और शोक संतप्त परिवारों के साथ बैठकर उन लोगों की कहानियां सुनी जा रही हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया।