Iranian espionage: इजराइली वायु सेना के दो तकनीशियनों पर ईरान के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप लगा है। जानें कैसे इन F-15 मैकेनिकों ने तेल नोफ एयरबेस की गोपनीय जानकारी और लड़ाकू विमानों के गुप्त डेटा दुश्मन देश को सौंपे।
Israel Air Force technicians arrested: मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े जासूसी कांड का भंडाफोड़ करते हुए वायु सेना (IAF) के दो तकनीशियनों को गिरफ्तार किया है। इन पर ईरान के लिए जासूसी करने, लड़ाकू विमानों और सैन्य ठिकानों की संवेदनशील जानकारी दुश्मन देश को सौंपने का गंभीर आरोप लगा है। इजरायली अधिकारियों ने इसे तेहरान द्वारा इजरायली नागरिकों को लालच देकर भर्ती करने की कोशिशों की कड़ी में अब तक की सबसे गंभीर घटनाओं में से एक बताया है।
गुरुवार को सैन्य अभियोजकों की ओर दाखिल किए गए आरोप पत्र के अनुसार, दोनों आरोपी 'तेल नोफ' एयरबेस पर F-15 लड़ाकू विमानों के मैकेनिक के रूप में कार्यरत थे। उन पर ईरानी खुफिया तत्वों के निर्देश पर सुरक्षा अपराध करने के आरोप हैं। मुख्य आरोपी सैनिक पर युद्ध के दौरान दुश्मन की सहायता करने और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं, जबकि दूसरे पर विदेशी एजेंट के संपर्क में रहने का दोष मढ़ा गया है।
शिन बेट (Shin Bet) और पुलिस की संयुक्त जांच में सामने आया है कि इन तकनीशियनों ने कई महीनों तक ईरानी हैंडलर्स के साथ संपर्क बनाए रखा। जांच के दौरान आरोपियों ने दावा किया कि जब उन्हें हथियारों से जुड़े खतरनाक काम सौंपे गए, तो उन्होंने इनकार कर दिया और संपर्क तोड़ लिया। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि संपर्क टूटने के बाद भी ये दोनों सैनिक भारी वित्तीय लाभ की लालच में फिर से ईरानी एजेंटों से जुड़ने की कोशिश कर रहे थे।
आरोप पत्र के मुताबिक, एक सैनिक ने अपने सैन्य प्रशिक्षण से जुड़ी फाइटर जेट सिस्टम की सामग्री, सैन्य बेस के संवेदनशील क्षेत्रों की तस्वीरें और हवाई जहाज के इंजन का विस्तृत डायग्राम ईरानी एजेंट को भेजा था। रिपोर्टों के अनुसार, लीक की गई सामग्रियों में एक एविएशन इंस्ट्रक्टर के चेहरे वाली तस्वीरें भी शामिल थीं। इसके अलावा, उन पर पूर्व IDF प्रमुख हर्जी हलेवी और मंत्री इतामार बेन ग्विर की जासूसी करने के निर्देश मिलने का भी संदेह है।
इस खुलासे के बाद इजरायली सैन्य हलकों में हड़कंप मच गया है। उसी बेस पर तैनात आठ अन्य सैनिकों पर भी संदेह जताया गया है कि उन्हें इस जासूसी की भनक थी, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी। तेल नोफ बेस के कमांडर ने पूरी यूनिट को सुरक्षा प्रोटोकॉल पर चर्चा के लिए बुलाया है। इजरायली अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ईरानी एजेंट सोशल मीडिया के जरिए आम नागरिकों को छोटे-मोटे कामों का लालच देकर फंसाते हैं, जो बाद में देशद्रोह और गंभीर अपराधों में तब्दील हो जाते हैं।