
इज़रायल (Israel) और लेबनान (Lebanon) के बीच अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की मध्यस्थता में कुछ दिन पहले ही एक बार फिर सीज़फायर हुआ, लेकिन यह भी पिछले सभी सीज़फायर की तरह बेअसर रहा। सीज़फायर के बावजूद इज़रायल और हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के बीच युद्ध जारी है। इज़रायली सेना लगातार साउथ लेबनान पर हमले कर रही है, तो हिज़बुल्लाह भी इज़रायल पर और साउथ लेबनान में इज़रायली सेना पर हमले कर रहा है।
इज़रायली सेना ने जानकारी दी है कि उत्तरी इज़रायल के यिफ्ताह और रामोट नाफ्ताली इलाकों में हवाई हमलों के खतरे को देखते हुए एयर रेड अलर्ट एक्टिवेट कर दिए गए हैं। इज़रायली सेना के अनुसार हिज़बुल्लाह ने आज लेबनान से इज़रायल की तरफ दो रॉकेट्स दागे, लेकिन इज़रायली सेना ने दोनों रॉकेट्स को हवा में ही मार गिराया।
इज़रायल से बदला लेने के लिए हिज़बुल्लाह भी इज़रायली सेना पर हमले करने से पीछे नहीं हट रहा है। हिज़बुल्लाह ने शनिवार को साउथ लेबनान में तैनात इज़रायली सेना पर 22 बार हमला करने का दावा किया है।
कुछ समय पहले इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने अपनी सेना से हिज़बुल्लाह पर हमले तेज़ करने के लिए कहा था। नेतन्याहू ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा था, "हम हिज़बुल्लाह के साथ युद्ध में हैं। पिछले कुछ हफ्तों में ही हमारे बहादुर सैनिकों ने 600 से ज़्यादा आतंकियों को मार गिराया है। आप सभी को यह पता होना चाहिए…600 से ज़्यादा आतंकी। लेकिन हम अपनी कार्रवाई में ढिलाई नहीं बरत रहे हैं। बल्कि मैंने तो इज़रायली सेना को और भी ज़्यादा तेज़ी से कार्रवाई करने को कहा है। हम उन पर हमला करेंगे और करते रहेंगे।"
इज़रायल और लेबनान के बीच सभी सीज़फायर फ्लॉप हो गए हैं। इज़रायल ने 2 मार्च से लेबनान पर हमले तेज़ कर दिए। 16 अप्रैल को पहली बार दोनों देशों में 10 दिन के सीज़फायर पर सहमति बनी थी, लेकिन इज़रायल ने इस दौरान भी हमले नहीं रोके। इसकी डेडलाइन खत्म होने के बाद सीज़फायर को 3 हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया था, लेकिन इज़रायल ने इस दौरान भी सीज़फायर उल्लंघन किया। 15 मई को एक बार फिर दोनों देशों के बीच 45 दिन के सीज़फायर की सहमति बनी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। 3 जून को एक बार फिर सीज़फायर पर सहमति बनी, लेकिन अभी भी इज़रायल के हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।