
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- ANI)
US Iran Talks: ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका और ईरान संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि तेहरान अभी किसी समझौते के लिए तैयार नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, 'हम उनसे बातचीत कर रहे हैं। मुझे लगता है कि वे गंभीर हैं। मेरा मानना है कि जितना गंभीर रवैया हमने अब तक देखा है, यह उससे कहीं अधिक गंभीर है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम किसी समझौते तक पहुंच ही जाएंगे। देखते हैं आगे क्या होता है।'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान ऐसे वक्त में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही अब भी सामान्य नहीं हुई है। कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से सिर्फ 6 जहाजों के गुजरने की पुष्टि हुई है। यह एक दिन पहले के मुकाबले 60 फीसदी कम है। जहां तक बाब अल-मंदेब की बात है तो वहां जहाजों की आवाजाही बढ़ी है। इस जलमार्ग से 49 जहाजों के गुजरने की पुष्टि हुई है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA से बातचीत में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट समेत पूरे क्षेत्र में असुरक्षा पैदा हुई है, उसके लिए पूरी तरह अमेरिका जिम्मेदार है।
अब्बास अराघची ने अपने बयान में कहा, 'होर्मुज स्ट्रेट और पूरे क्षेत्र में मौजूदा असुरक्षा के लिए पूरी तरह अमेरिका जिम्मेदार है, क्योंकि उसने समझौते का उल्लंघन किया और इस्लामाबाद समझौते के अनुच्छेद 5 के प्रावधानों के तहत ईरान की प्रतिबद्धताओं को लागू करने की प्रक्रिया को बाधित किया।'
उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमले किए। यह एक युद्ध अपराध है। अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए ईरान पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग को सामान्य बनाने की प्रवृत्ति का विरोध करने का आह्वान किया।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने लाल सागर में हूती विद्रोहियों द्वारा व्यापारिक जहाजों पर फिर से किए जा रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टेफान दुजारिक ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'बाब अल-मंदेब स्ट्रेट और उसके आसपास अंतरराष्ट्रीय नौवहन के अधिकारों और स्वतंत्रता को पूरी तरह बहाल किया जाना चाहिए।'
Updated on:
25 Jul 2026 07:42 am
Published on:
25 Jul 2026 07:11 am
