Israel-Lebanon Ceasefire: इज़रायल ने एक बार फिर सीज़फायर को तार-तार करते हुए लेबनान में बमबारी की है। ऐसा करते हुए इज़रायल ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश की धज्जियाँ उड़ा दी है।
इज़रायल (Israel) और हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के बीच लेबनान (Lebanon) में सीज़फायर तो चल रहा है, लेकिन यह सिर्फ नाम-मात्र का ही लग रहा है। अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सीज़फायर लागू करने और फिर उसे बढ़ाने की घोषणा के दौरान साफ कर दिया था कि इज़रायल अब लेबनान पर और हमले नहीं करेगा, लेकिन इसके बावजूद इज़रायल आए दिन ही सीज़फायर का उल्लंघन कर रही है और अब एक बार फिर इज़रायली सेना ने साउथ लेबनान में बमबारी करते हुए हाहाकार मचा दिया है।
जानकारी के अनुसार इज़रायली सेना ने बिन्त जेबील (Bint Jbeil) शहर के अल-मिहनिया (al-Mihniya) इलाके में आज बमबारी करते हुए तबाही मचा दी। इज़रायली सेना ने इलाके में भारी गोलीबारी भी की। साथ ही इज़रायली सेना ने ज़ावतार अल-शरकिया (al-Sharqiya) कस्बे पर तीन हवाई हमले भी किए हैं।
इज़रायल पर सीज़फायर के लगातार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हिज़बुल्लाह ने धमकी दी है कि उसे एकतरफा सीज़फायर बर्दाश्त नहीं है। हिज़बुल्लाह ने यह भी साफ कर दिया है कि सीज़फायर इज़रायल और लेबनान के बीच में हुआ था और वो कभी भी इसके पक्ष में नहीं था क्योंकि उसे पता था कि इज़रायल कभी भी उचित रूप से सीज़फायर की शर्तों का पालन नहीं करेगा।
हिज़बुल्लाह चीफ नईम कासिम (Naim Qassem) ने चेतावनी दी है कि उनका ग्रुप हथियार नहीं छोड़ेगा। कासिम ने कहा, "हिज़बुल्लाह के बलिदान बहुत बड़े हैं, लेकिन ये आज़ादी और जान की कीमत हैं, जो हमारे महान लोगों ने अपने सम्मानजनक विरोध के साथ चुकाई है। उनके सामने दो ही विकल्प थे: आज़ादी और गौरव या कब्ज़ा और अपमान। हम उनके बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे और अपने हथियार सरेंडर नहीं करेंगे।"