इज़रायल ने एक बार फिर लेबनान में ताबड़तोड़ बमबारी की है, जिससे देश में हाहाकार मच गया है। इज़रायल के इस हमले में जान-माल का नुकसान हुआ।
इज़रायल (Israel) और लेबनान (Lebanon) के आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के बीच सीज़फायर जारी है, लेकिन लंबी दुश्मनी की वजह से इज़रायल समय-समय पर लेबनान पर हमले करता रहता है। 2024 में इज़रायल और हिज़बुल्लाह के बीच भीषण युद्ध हुआ था, जो कुछ महीने तक चला था। इज़रायल के खिलाफ युद्ध में हिज़बुल्लाह को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। हिज़बुल्लाह के लगभग सभी मुख्य अधिकारी और कमांडर इस युद्ध में मारे गए थे। बड़ी संख्या में हिज़बुल्लाह आतंकियों ने भी इज़रायली हमलों में अपनी जान गंवा दी थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच सीज़फायर पर सहमति बन गई, लेकिन इज़रायल के हमले पूरी तरह से खत्म नहीं हुए। बुधवार को इज़रायल ने एक बार फिर लेबनान में कई जगह हमले किए।
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने जानकारी दी कि इज़रायली सेना ने बुधवार को लेबनान में कई कस्बों और गाँवों पर ताबड़तोड़ बम बरसाए। इज़रायली सेना ने हमले से एक दिन पहले निकासी की चेतावनी जारी की थी और फिर उसके अगले दिन ही भीषण बमबारी करते हुए हाहाकार मचा दिया। इज़रायली बमबारी में 7 से ज़्यादा इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
इज़रायली बमबारी की वजह से लेबनान में 2 लोगों की मौत हो गई है। साथ ही 19 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 8 पत्रकार भी शामिल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन (Joseph Aoun) ने इज़रायल पर आबादी वाले कस्बों और गाँवों के खिलाफ व्यवस्थित आक्रामकता की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए हमले की निंदा की। साथ ही सीज़फायर और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अन्य देशों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और इज़रायल के हमलों को रोकने की अपील की।