इजरायली सेना (IDF) ने बताया कि उसने दिन के दौरान चलाए गए सैन्य अभियान में नोआ अर्गामानी (25), अल्मोग मीर (21), एंड्री कोजलोव (27) और श्लोमी जिव (40) को मुक्त करा लिया है। बंधकों को नुसीरात के मध्य में मौजूद दो अलग-अलग जगहों से बचाया गया और वे सभी ठीक हैं।
Israel-Hamas War: हमास के साथ जंग शुरू होने के बाद से बंधकों को बचाने के लिए इजरायली सेना ने शनिवार को अपना सबसे बड़ा सैन्य अभियान चलाया और मध्य गाजा में भीषण लड़ाई के बीच चार इजरायली लोगों को 8 महीने बाद मुक्त कराने में सफलता हासिल की, जिन्हें हमास ने 7 अक्टूबर को बंधक (Hamas Attack on Israel) बना लिया था। अभियान के दौरान, हमास के ठिकानों पर तथा जमीनी सैनिकों की सहायता के लिए भारी हवाई हमले किए गए। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा फिलिस्तीनियों के साथ एक इजरायली कमांडो भी मारा गया है।
इजरायली सेना (IDF) ने बताया कि उसने दिन के दौरान चलाए गए सैन्य अभियान में नोआ अर्गामानी (25), अल्मोग मीर (21), एंड्री कोजलोव (27) और श्लोमी जिव (40) को मुक्त करा लिया है। बंधकों को नुसीरात के मध्य में मौजूद दो अलग-अलग जगहों से बचाया गया और वे सभी ठीक हैं।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मध्य गाजा (Central Gaza) में जिस जगह से बंधकों को बचाया गया वहां से डेर अल बलाह स्थित अल-अक्सा हॉस्पिटल में करीब 100 फिलिस्तीनियों के शव और 100 से ज्यादा घायल भी लाए गए। वहीं, इजरायल का कहना है कि 130 से ज्यादा बंधक अभी भी बचे हैं जिनमें से करीब एक चौथाई को मरा हुआ माना जा रहा है। जबकि जंग शुरू होने के बाद से इजरायली सेना सात बंधकों मुक्त कराने में सफल रही है।
उधर, संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने इजरायल और हमास को काली सूची में डालने का फैसला किया है। इससे इजरायल बौखला गया है। संयुक्त राष्ट्र ने गाजा में इजरायल द्वारा पिछले 72 घंटों में संयुक्त राष्ट्र संचालित दो स्कूलों पर किए गए हमलों के बाद यह कदम उठाया है, (Israel-Hamas War) जिसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गए। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटरेस सुरक्षा परिषद को सौंपी जाने वाली अपनी आगामी वार्षिक रिपोर्ट में इजरायल और हमास को सशस्त्र संघर्ष में बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा का उल्लंघन करने वालों की सूची में शामिल करेंगे। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत गिलाद एर्डन ने इस निर्णय की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि अगर किसी को ब्लैकलिस्टेड करने की जरूरत है, तो वह है यूएन महासचिव को, जो लगातार इजरायल विरोधी रुख रखते हैं।