Middle East Tension : इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में एक हिजबुल्लाह लड़ाके को मार गिराने का दावा किया है। साथ ही सेना पर एंटी-टैंक मिसाइल दागने की भी खबर है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है।
Middle East Tension: मध्य पूर्व में एक बार फिर से युद्ध के बादल गहरे होते जा रहे हैं। गाजा युद्ध के बाद से ही इजरायल और लेबनान की सीमा पर लगातार अशांति बनी हुई है। इसी कड़ी में अब एक बहुत अहम और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इजरायली रक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिणी लेबनान के इलाके में एक सफल सैन्य अभियान को अंजाम देते हुए हिजबुल्लाह के एक सक्रिय लड़ाके को मौत के घाट उतार दिया है। इस घटना के बाद से पूरे अरब प्रायद्वीप में हलचल तेज हो गई है।
इजरायली सेना की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान में यह बात साफ हो गई है कि मारा गया हिजबुल्लाह लड़ाका दक्षिणी लेबनान में एक संदिग्ध "लॉन्च साइट" पर सक्रिय था। सेना का मानना है कि इस जगह का इस्तेमाल इजरायल के खिलाफ रॉकेट और मिसाइलें दागने के लिए किया जा रहा था। हालांकि, इजरायली सेना ने अपने इस दावे की पुष्टि के लिए अभी तक कोई ठोस वीडियो या सुबूत मीडिया के सामने पेश नहीं किया है। बिना सुबूत के इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के बीच कई तरह के सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब सेना ने एक और बड़ा दावा किया। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार को सीमा पर गश्त कर रही उनकी सैन्य टुकड़ी पर हिजबुल्लाह की तरफ से एक जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि दक्षिणी लेबनान में तैनात इजरायली सैनिकों पर हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने 'एक टैंक-रोधी मिसाइल'दागी। इस हमले में कितना नुकसान हुआ, इसकी सटीक जानकारी तो नहीं दी गई है, लेकिन इस घटना ने दोनों गुटों के बीच पहले से चल रही दुश्मनी की आग में घी डालने का काम किया है।
यह कोई पहली बार नहीं है जब दक्षिणी लेबनान की सीमा पर इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच इस तरह की हिंसक झड़प हुई हो। दोनों के बीच यह छिटपुट संघर्ष एक बड़े युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे न सिर्फ लेबनान और इजरायल, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और शांति पर गहरा असर पड़ेगा। कुल मिला कर दोनों ही पक्ष एक-दूसरे को डराने और अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। इजरायल यह जताना चाहता है कि वह अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए सीमा पार जाकर भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा, वहीं हिजबुल्लाह लगातार मिसाइल हमलों से इजरायल पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है।