
Israel Lebanon Strikes: अमेरिका-ईरान सीजफायर के ऐलान के बावजूद इजरायल ने लेबनान पर भीषण हमले तेज कर दिए। लेबनान सिविल डिफेंस और स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को पूरे लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 254 लोग मारे गए और 1,165 से ज्यादा घायल हुए। बेरूत और दक्षिणी इलाकों में सबसे ज्यादा तबाही हुई, जहां बाजारों, दुकानों और आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।
बेरूत: 92 मृत, 742 घायल
बेरूत दक्षिणी उपनगर: 61 मृत, 200 घायल
नबातीह: 28 मृत, 59 घायल
टायर: 17 मृत, 68 घायल
बालबेक: 18 मृत, 28 घायल
सिडोन: 12 मृत, 56 घायल
हर्मेल: 9 मृत, 6 घायल
एले जिला: 17 मृत, 6 घायल
हिजबुल्लाह ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और उन्हें युद्ध अपराध बताया। समूह ने लिखित बयान में कहा, 'ये हमले विभिन्न मोर्चों पर इजरायल की करारी विफलता के बाद उसकी हताशा की अभिव्यक्ति हैं।' हिजबुल्लाह ने आगे चेतावनी दी कि ये हमले उसके प्रतिरोध और सामना करने के संकल्प को और मजबूत करेंगे।
इस बीच गाजा में इजरायली ड्रोन हमले में अल जजीरा के संवाददाता मोहम्मद विशाह की मौत हो गई। यह घटना सीजफायर के उल्लंघन की एक और मिसाल बन गई है।
इजरायल का दावा है कि ये हमले हिजबुल्लाह के ठिकानों पर किए गए, लेकिन लेबनान की सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन्हें नागरिक क्षेत्रों पर “अंधाधुंध बमबारी” बताया। बेरूत की सड़कों पर चीख-पुकार मची हुई है। अस्पतालों में घायलों की भीड़ लगी है और कई जगहों पर बिजली-पानी की आपूर्ति ठप हो गई।
ट्रंप प्रशासन द्वारा घोषित दो हफ्ते के सीजफायर में लेबनान को शामिल करने पर विवाद है। इजरायल का कहना है कि यह समझौता केवल ईरान तक सीमित है, लेबनान पर लागू नहीं होता। पाकिस्तान और चीन जैसे मध्यस्थ देशों की अपील के बावजूद हमले जारी हैं।
संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने इजरायली हमलों की निंदा की है। मानवाधिकार संगठनों ने नागरिकों पर हमलों को “युद्ध अपराध” करार दिया। लेबनान में अब कुल मौतों का आंकड़ा 1,500 से ऊपर पहुंच गया है, जबकि लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं।