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‘जो काम भारत को करना था, वो पाकिस्तान ने कैसे कर दिखाया?’ असदुद्दीन ओवैसी का PM मोदी पर तंज

US Iran Ceasefire Pakistan: हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि दक्षिण एशिया में भारत की एक बहुत बड़ी आवाज है और शांति की बात जहां भी होती है, हमने हमेशा एक बड़ी भूमिका निभाई है।

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हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Photo-IANS)

Asaduddin owaisi on Pakistan Role: अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए युद्धविराम की घोषणा के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि भारत द्वारा अपने निष्पक्ष रुख से पीछे हटने से पश्चिम एशिया संघर्ष में मध्यस्थ के रूप में कार्य करने की उसकी क्षमता बाधित हुई है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए ओवैसी ने युद्धविराम को नाजुक बताया और इस बात पर जोर दिया कि भारत वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने प्रमुख संघर्षों में शांति की अपील करने की अपनी लंबे समय से चली आ रही परंपरा का हवाला दिया।

पीएम मोदी के इजरायल दौरे पर उठाए सवाल

हैदराबाद के सांसद ने कहा कि दक्षिण एशिया में भारत की एक बहुत बड़ी आवाज है और शांति की बात जहां भी होती है, हमने हमेशा एक बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि संघर्ष शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा का समय बहुत गलत था। ओवैसी ने कहा कि मैं फिर से दोहरा रहा हूं कि प्रधानमंत्री की इजराइल यात्रा का समय बहुत गलत था। हम हमेशा निष्पक्ष रहे हैं, और हमारे पास यह क्षमता थी कि अगर दो पक्ष आपस में लड़ रहे हों, तो हम उन्हें बिठाकर बातचीत करा सकते थे।

केंद्र की विदेश नीति को बताया 'फ्लॉप'

युद्धविराम की मध्यस्थता में पाकिस्तान की संलिप्तता का जिक्र करते हुए ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी से इस बात की समीक्षा करने का आग्रह किया कि एक ऐसा राष्ट्र जिसने हमें हमेशा परेशान किया है वह इस महत्वपूर्ण भूमिका को निभाने में सक्षम क्यों था, जो उनके सुझाव के अनुसार भारत की होनी चाहिए थी।

आतंक का देश बना शांति दूत?

उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि पीएम मोदी को इस मामले की समीक्षा करनी चाहिए। विचार करना चाहिए कि आखिर एक पड़ोसी देश, जिसने आतंकवाद या अन्य किसी रूप में हमेशा हमें परेशान किया है, ने यह भूमिका क्यों निभाई। ईरान हमेशा से हमारे बहुत करीब रहा है, हमें उम्मीद है कि सरकार इसकी समीक्षा करेगी और पता लगाएगी कि ऐसा क्यों हुआ।

दो सप्ताह के लिए सीजफायर

आपको बता दें कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बमबारी और हमले अभियान को निलंबित कर दिया था, दो सप्ताह के लिए दोतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी और कहा था कि ईरान का 10 सूत्री प्रस्ताव व्यावहारिक है।

10 सूत्री प्रस्ताव पर बनी सहमति

ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि दस सूत्री प्रस्ताव एक स्थायी समझौते के लिए बातचीत का आधार बनेगा। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ने अपने अधिकांश सैन्य उद्देश्यों को प्राप्त कर लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के आधार पर, जिसमें उन्होंने मुझसे आज रात ईरान पर भेजे जा रहे विनाशकारी बल को रोकने का अनुरोध किया था। इस शर्त पर कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो जाए। मैं दो सप्ताह की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को निलंबित करने पर सहमत हूं। यह दोतरफा युद्धविराम होगा!

ईरान ने स्वीकारा ट्रंप का शांति प्रस्ताव

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और दो सप्ताह के लिए होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवागमन के साथ-साथ सैन्य अभियानों में विराम देने पर सहमति व्यक्त की। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने X पर इस्लामिक गणराज्य की प्रतिक्रिया पोस्ट की और कहा कि अगर ईरान पर हमला नहीं किया गया तो वह अपने सैन्य अभियान रोक देगा।